
जयपुर:
जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA छात्रा यशस्वी रोहिला की आत्महत्या के मामले में अब मौत की वजह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. यशस्वी के भाई ने शिवदासपुरा थाने में FIR दर्ज कराई है. FIR में अहमदाबाद की एक कंपनी के सीनियर अधिकारी योगेश मोटियानी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि इंटर्नशिप के दौरान आरोपी ने यशस्वी को झूठे वादों में फंसाया, उसके साथ संबंध बनाए और फिर वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने लगा. परिजनों का आरोप है कि इसी ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर यशस्वी ने कॉलेज की छठी मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी. FIR में कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया गया है.
तीन महीने की इंटर्नशिप में गई थी यशस्वी
23 वर्षीय यशस्वी रोहिला पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA बैच 2025-27 की छात्रा थी. MBA के पहले साल के बाद कॉलेज की ओर से तीन महीने की इंटर्नशिप अनिवार्य बताई गई थी. इसके लिए कॉलेज में अलग-अलग कंपनियों को बुलाया गया था. इसी दौरान अहमदाबाद की Blue Waves Logistic Pvt. Ltd. कंपनी में यशस्वी का इंटरव्यू हुआ और उसका चयन हो गया.
झूठे प्रलोभन देकर जाल में फंसाया
परिजनों की FIR के मुताबिक, अहमदाबाद में इंटर्नशिप के दौरान कंपनी के सीनियर अधिकारी योगेश मोटियानी ने यशस्वी को झूठे प्रलोभन और वादे देकर अपने जाल में फंसा लिया. आरोप है कि उसने यशस्वी के साथ संबंध बनाए और उसका वीडियो भी बना लिया. इसके बाद इसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपी कथित तौर पर बार-बार संबंध बनाने का दबाव डालता था.
कॉलेज की छठी बिल्डिंग से कूदकर यशस्वी ने दी थी जान, वीडियो

29 अक्टूबर को यशस्वी ने परिवार को बताई थी पूरी कहानी
FIR में एक अहम तारीख 29 अक्टूबर भी सामने आई है. यशस्वी ने इसी दिन शाम को अपने परिवार और परिजनों को पूरी बात बताई थी. परिवार ने उसे समझाया और आरोपी का फोन नहीं उठाने की सलाह दी थी. लेकिन 31 अक्टूबर को यशस्वी परीक्षा देने कॉलेज पहुंची तो आरोप है कि योगेश मोटियानी ने उसे फोन कर फिर प्रताड़ित किया और ब्लैकमेल करने की धमकी दी.
परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए
परिजनों का आरोप है कि आरोपी की ब्लैकमेलिंग और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के चलते यशस्वी ने कॉलेज की छठी मंजिल से छलांग लगा दी. उसे तत्काल महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना कॉलेज प्रशासन की ओर से ही परिवार को दी गई थी.
सुबह 9.48 बजे सीढ़ियों से तेजी से ऊपर जाती दिखी थी छात्रा

शिवदासपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज
मामले में मृतका के भाई शुभम रोहिला की रिपोर्ट पर शिवदासपुरा थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 108 के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की जांच सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार को सौंपी गई है. अब पुलिस आरोपी योगेश मोटियानी, वीडियो, फोन कॉल और ब्लैकमेलिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी. साथ ही कॉलेज प्रशासन की भूमिका और लापरवाही के आरोपों की भी पड़ताल होगी.
बड़ा सवालः जानकारी मिलने के दो दिन बाद भी चुप्पी क्यों?
फिलहाल इस मामले में FIR में लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यशस्वी ने 29 अक्टूबर को ही परिवार को अपनी परेशानी बता दी थी, तो 31 अक्टूबर को उसके साथ हुई कथित प्रताड़ना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए? पुलिस जांच में अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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