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‘मॉक पार्लियामेंट’ नहीं, अब होगा ‘जन महाभियोग’, INDIA गठबंधन ने क्यों बदली रणनीति? समझिए | INDIA Bloc Renames Mock Parliament as Jan Mahabhiyog Focuses on CEC and SIR Controversy



चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक पहले जिस आयोजन को ‘मॉक पार्लियामेंट’ के तौर पर प्रस्तुत कर रहा था, अब उसे ‘जन महाभियोग’ के रूप में आयोजित करने जा रहा है. इसके पीछे विपक्ष की स्पष्ट राजनीतिक और रणनीतिक सोच है.

क्यों बदला नाम?

सबसे बड़ा कारण संसद की अवमानना से जुड़े किसी भी विवाद से बचना बताया जा रहा है. विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस, नहीं चाहती कि उसके कार्यक्रम को संसद की नकल या संसद की गरिमा से जुड़े किसी विवाद के रूप में पेश किया जाए. इसी वजह से ‘मॉक पार्लियामेंट’ की अवधारणा को पीछे छोड़ते हुए कार्यक्रम को ‘जन महाभियोग’ का नाम दिया गया है. इसके साथ ही पहले जो प्रारूप सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष की संसदीय बहस जैसा था, उसे भी बदल दिया गया है.

इस आयोजन का मुख्य केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाना होगा. विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. कार्यक्रम में इसी मुद्दे पर चर्चा होगी कि मतदाता सूचियों से नाम कटने का आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिकता संबंधी अधिकारों पर क्या असर पड़ सकता है.

कार्यक्रम में क्या-क्या होगा?

कार्यक्रम का संचालन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी. उनकी सहायता के लिए समाजवादी पार्टी के एक सांसद मौजूद रहेंगे. आयोजन दोपहर 3 बजे शुरू होकर शाम 7:30 बजे तक चलेगा और समापन राष्ट्रगान के साथ किया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन से होगी, जबकि समापन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे.

INDIA गठबंधन की रणनीति केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है. इस कार्यक्रम में 19 दलों के नेताओं को बोलने का अवसर दिया जाएगा. ज्यादातर नेताओं को पांच-पांच मिनट का समय मिलेगा, जबकि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों को दस-दस मिनट दिए जाएंगे. इसके अलावा उन लोगों को भी मंच पर बुलाने की योजना है जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से कटे हैं. सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में अपनी बात रखें.। कुल मिलाकर करीब 30 वक्ताओं के शामिल होने की तैयारी है.

विपक्ष इस कार्यक्रम को सीधे जनता तक पहुंचाने की भी योजना बना रहा है. कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सभी घटक दल अपने-अपने यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका सीधा प्रसारण करेंगे. इसके जरिए विपक्ष मुख्यधारा मीडिया पर निर्भर हुए बिना अपना संदेश सीधे लोगों तक पहुंचाना चाहता है.

दरअसल, विपक्ष का मानना है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता की चिंताओं को सामने रखने का मंच होगा. CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने भी कहा है कि यह कार्यक्रम जनता की आकांक्षाओं और मांगों को प्रतिबिंबित करेगा. उनके अनुसार, इसमें एक व्यवस्थित महाभियोग प्रक्रिया की तरह बहस होगी, जिसमें राजनीतिक दलों के साथ-साथ नागरिक समाज और SIR से प्रभावित लोगों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा.

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