
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के पास हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं. मुंबई क्राइम ब्रांच को चार आरोपियों के बीच कथित तौर पर हुई बातचीत के वॉइस नोट्स मिले हैं. वहीं, आरोपियों के मोबाइल फोन से पांच कारतूसों की डिलीट की गई तस्वीरों को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है.
जांच एजेंसी डिजिटल सबूतों के जरिए हथियारों की खरीद, उनकी डिलीवरी और बाद में उन्हें ठिकाने लगाने की कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी राधा के मोबाइल फोन में कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव किया गया था, ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके.
जांच के अनुसार, कुणाल ने राधा को वॉइस नोट्स और पांच कारतूसों की तस्वीरें भेजी थीं. बाद में इन तस्वीरों को डिलीट कर दिया गया. क्राइम ब्रांच अब इन तस्वीरों को दोबारा रिकवर करने का प्रयास कर रही है.
इस मामले में चार आरोपी राधा सुनील वर्मा, बबीता रामजतन राव, कुणाल संजयकुमार जामिनसिंह और सुमित बिजेंद्र सरोलिया की कथित भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस को संदेह है कि ये आरोपी हथियारों की सप्लाई और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में शामिल थे. एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट ) ने चारों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है.
वॉइस नोट्स में हथियारों की खरीद और डिलीवरी की चर्चा
पुलिस ने अदालत को बताया कि बरामद वॉइस नोट्स में कथित तौर पर हथियारों की खरीद, उन्हें सुरक्षित रखने और डिलीवरी से संबंधित बातचीत है. जांच अधिकारी इन रिकॉर्डिंग्स का विश्लेषण कर रहे हैं. साथ ही, बातचीत में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनकी आवाज के नमूने लेने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा है.
फायरिंग के बाद हथियार दिल्ली ले जाने की कथित योजना
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को कथित तौर पर निर्देश दिए गए थे कि फायरिंग के बाद पिस्तौल और इस्तेमाल नहीं किए गए कारतूस इकट्ठा कर उन्हें वापस दिल्ली ले जाया जाए.
जांच एजेंसी ये पता लगाने में जुटी है कि क्या हथियारों को उनके मूल स्रोत तक वापस पहुंचाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से यह योजना बनाई गई थी. पुलिस ने हथियारों को सूरत में कथित तौर पर ठिकाने लगाने और उन्हें वहां तक पहुंचाने के रास्ते की भी जांच की है.
24 अक्टूबर को सूरत से दो हथियार और 10 कारतूस बरामद किए गए थे. जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपी राधा ने कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई रेहान को की थी, जिसे इस मामले में कथित शूटरों में से एक बताया जा रहा है.
अनिल पंडित की भूमिका की भी जांच
क्राइम ब्रांच इस मामले में अनिल पंडित की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है. फिलहाल साजिश में उसकी भूमिका को लेकर जांच जारी है.
पुलिस ने अदालत में कहा कि हथियारों को किस रास्ते से लाया गया, उन्हें कैसे छिपाया गया और इस पूरे नेटवर्क को लॉजिस्टिक मदद किसने दी, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है.