खबर

रामायण में शामिल हुई सूफी-कव्वाली धुन, 15 साल पुरानी फिल्म के इस गाने से निकला राम-सीता विवाह का गाना, एआर रहमान पर उठे सवाल | ramayana mangal rang connection with ranbir kapoor 15 year old film sufi qawwali song fans criticizes ar rahman music



फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) इन दिनों लगातार चर्चा में है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है. फिल्म के कलाकारों से लेकर इसकी कहानी और संगीत तक, हर चीज पर लोगों की नजर है. हाल ही में फिल्म का दूसरा गाना ‘मंगल रंग’ रिलीज हुआ. अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज में सजे इस गाने को एआर रहमान ने संगीत दिया है, जबकि इसके बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं. गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई. जहां कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की, वहीं कुछ ने इसके संगीत को लेकर सवाल उठाए हैं.

रामायण के गाने को लेकर क्यों हो रही बहस?

‘मंगल रंग’ में भगवान राम और माता सीता के प्रेम, उनके विवाह और इस पवित्र रिश्ते की खूबसूरती को दिखाया गया है. गाने में दोनों के बीच का भावनात्मक जुड़ाव और विवाह से जुड़ी खुशियां नजर आती हैं. कई दर्शकों को इसका फिल्मांकन और भाव पसंद आया. लोगों ने इसे राम और सीता के प्रेम को दिखाने वाला सुंदर गीत बताया. हालांकि, गाने का संगीत कुछ लोगों को पसंद नहीं आया.

सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने इसकी तुलना रणबीर कपूर की फिल्म ‘रॉकस्टार’ के मशहूर गाने ‘कुन फाया कुन’ से करनी शुरू कर दी. लोगों का कहना है कि दोनों गानों की धुन और संगीत का अंदाज काफी मिलता-जुलता है.

रणबीर कपूर की 15 साल पुरानी फिल्म का गाना क्यों आया याद?

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रॉकस्टार’ साल 2011 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का गाना ‘कुन फाया कुन’ आज भी काफी लोकप्रिय है. गाने को एआर रहमान ने संगीत दिया था और इसकी शूटिंग दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में हुई थी.‘कुन फाया कुन’ में सूफी संगीत और कव्वाली का रंग देखने को मिलता है. यही वजह है कि ‘रामायण’ के ‘मंगल रंग’ को सुनने के बाद कुछ लोगों को इस पुराने गाने की याद आ गई. सोशल मीडिया पर दोनों गानों की तुलना करते हुए कई लोगों ने एआर रहमान के संगीत पर सवाल उठाए.

लोगों ने एआर रहमान को क्या सलाह दी?

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि ‘रामायण’ जैसे धार्मिक विषय पर बन रही फिल्म के संगीत में भारतीय शास्त्रीय संगीत और पारंपरिक धुनों को अधिक जगह मिलनी चाहिए थी. लोगों का मानना है कि रामायण की कहानी और उसके किरदारों की पवित्रता को देखते हुए संगीत का अंदाज भी उसी भाव के अनुरूप होना चाहिए.

ये भी पढ़ें: रणबीर कपूर की 4000 करोड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ पर एआर रहमान का खुलासा, कहा- अभी दर्शकों ने कुछ देखा ही नहीं है

हालांकि, गाने को पसंद करने वालों की भी कमी नहीं है. कई लोगों ने इसे राम और सीता के प्रेम और विवाह का सुंदर चित्रण बताया. ऐसे में ‘मंगल रंग’ को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की राय देखने को मिल रही है. जहां एक ओर दर्शक इसकी भावनाओं और प्रस्तुति की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसके संगीत को लेकर बहस जारी है.




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button