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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अनिल पंडित से सीधे संपर्क में था आरोपी प्रांजल, क्राइम ब्रांच का दावा | Mumbai Firing Case Pranjal Thakral Anil Pandit Mastermind



मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में क्राइम ब्रांच को एक अहम सुराग मिला है. इस मामले में गिरफ्तार 22 वर्षीय प्रांजल ठकराल को पुलिस पूरी साजिश की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है. जांच एजेंसी का दावा है कि विदेश में बैठे मुख्य साजिशकर्ता अनिल पंडित के इशारे पर प्रांजल ने हमले की योजना को जमीन पर उतारने का काम किया. उसने ही शूटर्स तक पैसे और जरूरी मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संभाली.

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, अनिल पंडित और प्रांजल लगातार संपर्क में थे. दोनों कथित तौर पर ऐसे सीक्रेट ऐप के जरिए बातचीत करते थे, जिससे पुलिस की निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग से बचा जा सके. जांच अधिकारियों का मानना है कि प्रांजल की गिरफ्तारी से अब उस नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है. इसके सहारे इस पूरी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई.

इसी साल जेल से बाहर आया था प्रांजल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रांजल का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है. उस पर पानीपत में एक व्यवसायी पर फायरिंग की साजिश रचने के मामले में भी भूमिका होने का आरोप रहा है. वह इसी साल मार्च में जमानत पर जेल से बाहर आया था. जांच एजेंसियों का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर अनिल पंडित के साथ मिलकर टाइगर श्रॉफ पर हमले की योजना पर काम शुरू किया.

अदालत में पेशी के दौरान क्राइम ब्रांच ने बताया कि प्रांजल सीधे अनिल पंडित के संपर्क में था और फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों की व्यवस्था और सप्लाई से जुड़ी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है. एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी विभिन्न फोन और डिजिटल ऐप्स के जरिए कई लोगों से जुड़ा हुआ था, इसलिए उसके पूरे कम्युनिकेशन नेटवर्क की जांच जरूरी है.

क्या क्या तलाश रही है पुलिस?

जांच का एक बड़ा फोकस यह भी है कि प्रांजल की मुलाकात कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित से कैसे हुई और दोनों के बीच संबंध कितने पुराने हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना किस स्तर पर तैयार की गई, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा हथियारों की व्यवस्था किस नेटवर्क के जरिए की गई.

प्रांजल के मोबाइल फोन से मिलने वाले चैट रिकॉर्ड, सीक्रेट ऐप पर हुई बातचीत और पैसों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत विदेश में फरार अनिल पंडित तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं. पुलिस का मानना है कि इन जानकारियों से कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है.

अदालत में पेशी के बाद प्रांजल को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

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