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अरुणाचल प्रदेश में डैम के खिलाफ क्यों भड़का है गुस्सा? पुलिस थाने पर भी अटैक और आगजनी | Arunachal protest Violence over Siang mega dam NHPC office set on fire 7 police vehicles torched


अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में शुक्रवार को हुआ विरोध-प्रदर्शन रात में हिंसक हो उठा. भारत के प्रस्तावित मेगा डैम के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए. जिसके बाद कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, वहीं कई को हिरासत में ले लिया गया. इस बीच पासीघाट में भारी तनाव है. बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से इस इलाके में सियांग मेगा डैम के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. सियांग मेगा डैम को चीन के विशाल डैम के जवाब में भारत की एक बड़ी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है.

पासीघाट पुलिस स्टेशन पर हमला, आगजनी

सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने NHPC कार्यालय में आगजनी की और पुलिस वाहनों के साथ ही पासीघाट पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया. इस दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. स्थानीय विधायकों और राज्य BJP अध्यक्ष के आवासों में तोड़फोड़ की जानकारी भी सामने आई है. 

प्रस्तावित ‘अपर सियांग मल्टीपर्पज डैम’ के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शनों की वजह से शुक्रवार रात पासीघाट अशांत हो गया.सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर NHPC के स्थानीय कार्यालय और पुलिस की सात गाड़ियों में आग लगा दी. यह हिंसा तब भड़की जब आरोप लगे कि गेकू (Geku) में सुरक्षाकर्मियों ने ‘बंद’ का समर्थन कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं.

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10 लोगों की रिहाई की मांग के दौरान पथराव और आगजनी

युवा प्रदर्शनकारियों का एक समूह मेगा डैम परियोजना के खिलाफ विरोध के दौरान हिरासत में लिए गए 10 लोगों की रिहाई की मांग कर रहा था.सूत्रों ने बताया कि जब प्रदर्शनकारियों ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी, तो स्थिति और बिगड़ गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इलाके में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है.

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन शनिवार तड़के 4 बजे तक जारी रहा. इस दौरान विधायक निनोंग एरिंग और ओनी पान्यांग, तथा राज्य BJP अध्यक्ष कालिंग मोयोंग के घरों और रिहायशी परिसरों पर हमले किए गए और उनमें तोड़फोड़ की गई.

NHPC के स्थानीय कार्यालय में भी आगजनी

पासीघाट के कई हिस्सों में आगजनी की खबरें सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने NHPC के स्थानीय कार्यालय में भी आग लगा दी.पासीघाट पुलिस स्टेशन के कुछ हिस्सों पर हमले किए गए. वहीं सात वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. बता दें कि इन विरोध-प्रदर्शनों में ‘जेन जेड’ (Gen Z) पीढ़ी के कुछ युवा भी शामिल हैं, जो मेगा बांध परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए दस लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी और आगजनी करने के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जिसके चलते सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा.

‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ का विरोध

शुक्रवार को सियांग और ऊपरी सियांग जिलों के साथ-साथ पूर्वी सियांग के कुछ हिस्सों में 12 घंटे का बंद रखा गया था. यह बंद सरकार की ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (SUMP) योजना के विरोध में बुलाया गया था. बांध विरोधी कई संगठनों,जिनमें ‘आदि बाने केबांग-यूनाइटेड’, ‘SUMP-अफेक्टेड यूथ एसोसिएशन’, ‘सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम’ और ‘आदि गैलो वेलफेयर सोसाइटी’ शामिल हैं,ने इस बंद का आह्वान किया था.इस हड़ताल के पीछे मुख्य मांगें परियोजना को रद्द करना और इलाके से सशस्त्र बलों को वापस बुलाना है.

इस बीच, शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने बोलेंग के पास, गेकू जाने वाले रास्ते पर ‘डिटे डाइमे’ के निकट, बांध विरोधी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. SP सियांग कामदाम सिकोम ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. उन्होंने आगे कहा कि बोलेंग में बंद रखा गया है, जबकि पूरे सियांग जिले में स्थिति शांतिपूर्ण है. प्रस्तावित ‘अपर सियांग मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ की जिम्मेदारी NHPC को सौंपी गई है, जिसका स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध हो रहा है.

अरुणाचल की इस जलविद्युत परियोजना का विरोध

‘अपर सियांग मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (SUMP) एक बड़ी जलविद्युत और जल-भंडारण बांध परियोजना है. यह अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग और सियांग जिलों में सियांग नदी पर स्थित है. इसे तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर चीन द्वारा बनाए गए मेगा बांध के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. चीन से अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर त्सांगपो नदी ‘सियांग’ बन जाती है, और आगे चलकर यही नदी विशाल ब्रह्मपुत्र नदी का रूप ले लेती है.

इस परियोजना की योजना नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) और अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा बनाई जा रही है.लगभग 10,000 MW से 11,000 MW की क्षमता वाली यह परियोजना भारत की सबसे बड़ी प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं में से एक होगी.इसका काम 2028 में शुरू होने और 2032 तक पूरा होने की उम्मीद है. फिलहाल यह परियोजना ‘प्री-फिजिबिलिटी’ (संभाव्यता जांच) और सर्वे के चरण में है, और इसे भारी हिंसक विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

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