
श्रावस्ती (यूपी):
उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, सियासी दलों में टिकट और पद की जंग अब सड़कों पर नजर आने लगी है. श्रावस्ती में भारतीय जनता पार्टी के भीतर ऐसा ही घमासान देखने को मिल रहा है. अनुशासित कैडर वाली पार्टी कहे जाने वाले खेमे में ही बगावत का ऐसा बिगुल बजा है कि मौजूदा जिलाध्यक्ष को कार्यक्रम छोड़कर उल्टे पांव भागना पड़ा. यहां बीजेपी महिला मोर्चा दो धड़ों में बंट गया है और पार्टी की अंदरूनी कलह अब सीधे जनता के बीच आ गई है.
दरअसल श्रावस्ती के जमुनहा स्थित बनगई इलाके में बीजेपी महिला मोर्चा की मौजूदा जिलाध्यक्ष माधुरी त्रिपाठी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची थीं. लेकिन जैसे ही वो मौके पर पहुंचीं, पार्टी की ही नाराज महिला कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि भारी विरोध और तीखी नारेबाजी के बीच मौजूदा जिलाध्यक्ष को महिलाओं ने दौड़ा दिया और उन्हें मौके से उल्टे पांव गाड़ी में बैठकर भागना पड़ा.

महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष गीता गुप्ता इस बगावत की अगुवाई कर रही हैं. उनके नेतृत्व में जुटी सैकड़ों नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है. टिकट और पद की बंदरबांट को लेकर कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है. विरोध कर रही महिलाओं ने साफ कर दिया कि संगठन की मनमानी अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी.
श्रावस्ती बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष गीता गुप्ता ने कहा, “जो पार्टी के निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ता हैं, आज उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है. अगर संगठन को ताक पर रखकर फैसले थोपे जाएंगे, तो यह बर्दाश्त नहीं होगा. आज जो बनगई में हुआ, वह सिर्फ एक शुरुआत है. अगर हमारी आवाज नहीं सुनी गई, तो जिले भर में माधुरी त्रिपाठी का इसी तरह पुरजोर विरोध किया जाएगा.”
चुनाव से ठीक पहले महिला विंग की इस अंदरूनी जंग ने पूरे जिले में बीजेपी के लिए चिंता पैदा कर दी है. विपक्ष जहां बीजेपी के इस बिखराव पर चुटकी ले रहा है, वहीं जिला नेतृत्व के हाथ-पांव फूले हुए हैं. सवाल यह है कि क्या चुनाव से पहले बीजेपी इस आपसी कलह को थाम पाएगी.
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