

हर वक्त थकान, शरीर में कमजोरी या काम में एनर्जी की कमी महसूस होना सिर्फ उम्र बढ़ने का संकेत नहीं है. नींद पूरी न होना, लगातार तनाव, खराब डाइट और लंबे समय तक बैठे रहना भी इसके पीछे हो सकता है. इन परेशानियों से बचने के लिए लोग कई तरह के सप्लीमेंट लेते हैं. वहीं पारंपरिक चिकित्सा में सफेद मूसली का भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. खासकर पुरुषों की सेहत से जोड़कर इसकी काफी चर्चा होती है. लेकिन क्या सफेद मूसली वास्तव में फायदेमंद है और इसे कितनी मात्रा में लेना चाहिए?
सफेद मूसली क्या है?
सफेद मूसली एक छोटा सा पौधा होता है, जिसकी जड़ों को सुखाकर उसका बारीक चूर्ण बनाया जाता है. इसे कई जगह श्वेत मूसली के नाम से भी जाना जाता है.
इसमें सैपोनिन, एल्कलॉइड्स, कार्बोहाइड्रेट और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.यह शरीर में जाकर प्राकृतिक तरीके से स्टैमिना और अंदरूनी ताकत को बूस्ट करने का काम करती है.
किसी केमिकल दवा की तरह यह शरीर को अचानक झटका नहीं देती, बल्कि अंदर से पोषण देकर मांसपेशियों और नसों को मजबूत बनाती है.
पुरुषों के लिए सफेद मूसली के फायदे क्या हैं?
पुरुषों की सेहत के लिहाज से इसे बेहद मुफीद माना गया है, आइए समझते हैं कि यह बदन पर किस तरह काम करती है.
1. अंदरूनी कमजोरी और लो टेस्टोस्टेरोन में असरदार : उम्र बढ़ने या बहुत ज्यादा मानसिक तनाव की वजह से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर घटने लगता है. इसकी वजह से वैवाहिक जीवन में अरुचि और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी कई शारीरिक परेशानियां सिर उठाने लगती हैं. सफेद मूसली टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्राकृतिक रूप से सुधारने में मदद करती है, जिससे ऊर्जा का स्तर सुधरता है और शारीरिक क्षमता बेहतर होती है.
2. स्पर्म काउंट और उसकी गुणवत्ता में सुधार : खराब लाइफस्टाइल और स्मोकिंग की वजह से आज बहुत से युवा लो स्पर्म काउंट या कम एक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे हैं. सफेद मूसली का नियमित सेवन वीर्य को गाढ़ा करने और स्पर्म की गुणवत्ता सुधारने में काफी मददगार साबित होता है. जो दंपत्ति परिवार आगे बढ़ाने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, उन्हें अक्सर यूनानी या आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे लेने की सलाह देते हैं.
3. कसरत करने वालों के लिए नेचुरल मसल्स बिल्डर : जो लोग जिम जाते हैं या अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं, उनके लिए सफेद मूसली एक प्राकृतिक सप्लीमेंट की तरह काम करती है. यह शरीर में लीन मसल मास को बढ़ाने में मदद करती है और भारी कसरत के बाद मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव को जल्दी ठीक करती है. दूध के साथ इसका सही सेवन करने से वजन संतुलित तरीके से बढ़ता है.
4. दिनभर की थकान और मानसिक तनाव से राहत : सफेद मूसली में एडाप्टोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में तनाव पैदा करने वाले कोर्टिसोल हार्मोन को नियंत्रित रखते हैं. इसको लेने से दिमाग शांत रहता है, रात में गहरी नींद आती है और सुबह सोकर उठने पर शरीर में नया जोश और ताजगी महसूस होती है.
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यूनानी चिकित्सा पद्धति में सफेद मूसली को ‘मुकव्वी-ए-बाह’ यानी शरीर को आंतरिक शक्ति देने वाली और वीर्य को पुष्ट करने वाली एक बेहद अहम दवा माना गया है.
सफेद मूसली की तासीर गर्म और तर होती है. यह पुरुषों की शिथिल पड़ चुकी नसों में खून के दौरे को तेज करती है. उनका मानना है कि बाजार में मिलने वाले स्टेरॉयड या केमिकल कैप्सूल्स के चक्कर में पड़ने के बजाय अगर सही नियम और संयम से सफेद मूसली का सेवन किया जाए, तो पुरुषों की अंदरूनी कमजोरी की तकलीफ काफी हद तक ठीक हो सकती है.
हालांकि लोग जल्दी ठीक होने के लालच में इसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा लेना शुरू कर देते हैं. डॉ. खान की स्पष्ट सलाह है कि किसी भी हाल में इसकी दैनिक खुराक 3 से 5 ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, जिन लोगों का पाचन तंत्र पहले से खराब रहता है या जिन्हें बार-बार दस्त और अपच की शिकायत रहती है, उन्हें डॉक्टर से पूछे बिना इसे नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह पचने में थोड़ी भारी होती है.
सफेद मूसली कैसे और कब खाएं?
अगर आप इसका पूरा फायदा पाना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है.
दूध में हल्का सा शहद या थोड़ी सी धागे वाली मिश्री मिलाई जा सकती है, जिससे इसका असर और बेहतर हो जाता है.जो लोग हैवी वर्कआउट करते हैं, वे इसे अश्वगंधा के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर ले सकते हैं.इसके सेवन के दौरान दिनभर भरपूर पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में अतिरिक्त गर्मी न बढ़े.
एक दिन में कितनी सफेद मूसली लेनी चाहिए?
सुबह नाश्ते के बाद या रात को सोने से करीब आधा घंटा पहले एक छोटा चम्मच (लगभग 3 से 5 ग्राम) सफेद मूसली पाउडर गुनगुने दूध के साथ लें.
सफेद मूसली किसे नहीं खानी चाहिए?
हर फायदेमंद चीज की तरह सफेद मूसली के साथ भी कुछ जरूरी सावधानियां जुड़ी हुई हैं.
- जिनका हाजमा बहुत कमजोर रहता है या जिन्हें पेट में भारीपन बना रहता है, वे इसे बिना डॉक्टर की राय के न लें.
- जिन लोगों का वजन पहले से ही बहुत ज्यादा है, उन्हें बिना नियमित एक्सरसाइज के इसे नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह भूख बढ़ाकर वजन को और बढ़ा सकती है.
- अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी की नियमित दवाइयां ले रहा है, तो इसे शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर ले.
सफेद मूसली पुरुषों की अंदरूनी कमजोरी को दूर करने का एक बेहतरीन और प्राकृतिक जरिया है. बस ध्यान इस बात का रखना है कि इसे किसी चमत्कारी नुस्खे की तरह जरूरत से ज्यादा न खाएं और सही डॉक्टरी सलाह के साथ धीरे-धीरे इस्तेमाल करें.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.





