

सऊदी अरब में मक्का और मदीना हैं. ये इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र शहरों में हैं. इसलिए यहां जाने और रहने के कुछ नियम हैं. इन नियमों का पालन नहीं करने पर मौत तक की सजा हो सकती है. अभी कुछ दिन पहले 15 अक्तूबर को ही सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि मक्का के पवित्र शहर में एक मस्जिद के अंदर अश्लील हरकतें करने के दोषी पाए जाने पर, एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को मौत की सजा दी गई है. सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के एक बयान के अनुसार, मंत्रालय ने इन दोनों की पहचान नज़रुल इस्लाम अब्दुल बशीर और सिती अख्तर के रूप में की है. ये दोनों बांग्लादेश के नागरिक हैं.
बयान में कहा गया है कि मक्का की एक मस्जिद के अंदर अनैतिक कृत्य करने के आरोप में सुरक्षा अधिकारियों ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया. जांच के बाद, उन पर आरोप तय किए गए और उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें दोषी पाया और ‘ताजीर’ (इस्लामी कानून के तहत एक विवेकाधीन दंड) के अंतर्गत उन्हें मौत की सजा सुनाई.
ये एक उदाहरण बताने के लिए काफी है कि मक्का-मदीना में नियमों का पालन नहीं करने की कितनी सख्त सजा हो सकती है. यहां जानिए इन नियमों के बारे में-
- मक्का में मुस्लिमों को छोड़कर अन्य किसी भी धर्म के लोगों के जाने की मनाही है.
- एक जरूरी शर्त यह है कि व्यक्ति को पूरी तरह से सफेद कपड़े पहनने होते हैं, जिसे ‘एहराम’ कहा जाता है.
- मक्का में सार्वजनिक रूप से स्नेह जताना जैसे गले मिलना, चूमना या रोमांटिक अंदाज में हाथ पकड़ना वर्जित माना जाता है.
- नशीले पदार्थों से जुड़े कई अपराधों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, यहां तक कि इसमें मौत की सजा भी मिल सकती है.
- मक्का जाते समय एक और सख्त नियम यह है कि आपको विकलांग या बुजुर्ग लोगों के लिए बनी सीटों या सुविधाओं का इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए.
- सऊदी अरब के आपराधिक कानून के तहत, जेंडर-फ्लुइड (जो लोग खुद को किसी एक लिंग में नहीं मानते) व्यक्तियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा सकता है.
- मक्का में पोर्क (सूअर का मांस) खाने पर पूरी तरह से पाबंदी है.
- इसके साथ ही मेंढक के मांस से बनी चीजें भी यहां प्रतिबंधित हैं.
- मक्का हमेशा भीड़-भाड़ वाली जगह होती है. ऐसे में, हो सकता है कि आपका मन लाइन तोड़ने का करे.मगर ऐसा करना भी अपराध है.
- मक्का में, स्थानीय कानून पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए शालीन कपड़े पहनने के महत्व पर जोर देते हैं.
- सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उचित कपड़े पहनें, जिसमें उनके घुटने और कंधे ढके हों.
- मक्का में रहते हुए बहुत तंग (फिटिंग वाले) कपड़े पहनने से बचना चाहिए.
- इसके अलावा, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऐसे कपड़े पहनना गैर-कानूनी है जिन पर आपत्तिजनक शब्द, चित्र या भाषा छपी हो.
- साथ ही, यह भी बता दें कि अश्लील सामग्री, चित्र या कामुक तस्वीरें रखना कानूनन सख्त मना है.
मक्का में जरूर जाने वाली जगहें
मक्का में मस्जिद अल-हरम दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है. इसके प्रांगण में पवित्र काबा स्थित है. मुसलमान यहां तवाफ (परिक्रमा) और नमाज़ अदा करते हैं. काबा के पूर्वी कोने पर स्थित हजर-ए-अस्वद एक पवित्र काला पत्थर है. मस्जिद अल-हरम के भीतर हजरत इब्राहिम के पैरों के निशानों वाला स्थान मकाम-ए-इब्राहिम भी है. हज और उमराह के दौरान सफा और मरवा की पहाड़ियों के बीच ‘सई’ (दौड़/चलना) की जाती है. यहीं जमजम का कुआं भी है. ये हजारों साल पुराना ऐतिहासिक और पवित्र जलस्रोत है. मक्का में मस्जिद आयशा है. यह मक्का की एक प्रमुख ऐतिहासिक मस्जिद है, जहां से उमराह का अह्राम बांधा जाता है. मक्का से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित एक पवित्र पहाड़ी माउंट अराफात है, जहां हज के दौरान विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं.
जबल अल-नूर और हीरा की गुफा भी जाने वाली जगह है. मक्का के पास स्थित यह वह पहाड़ी है, जहां पैगंबर मुहम्मद ध्यान लगाते थे और उन्हें पहली दिव्य आयत प्राप्त हुई थी. जबल थौर पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक गुफा थौर की गुफा है, जहां प्रवास के दौरान शरण ली गई थी. मक्का में मक्का क्लॉक टावर भी है. ये दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल एक विशाल टॉवर है.इसके भीतर क्लॉक टावर म्यूज़ियम और शहर का नजारा दिखाने वाला ऑब्ज़र्वेशन डेक है. खरीदारी के लिए अल अजीज़ियाह मार्केट है. ये कपड़ों, स्थानीय उत्पादों और रोजमर्रा के सामान के लिए प्रसिद्ध बाजार है. आधुनिक शॉपिंग और डाइनिंग के लिए लोकप्रिय अल दियाफ़ाह मॉल है. इसके साथ ही स्थानीय सूक और बाजार भी हैं, जहां इत्र, तस्बीह (प्रार्थना माला), पारंपरिक परिधान और स्मारिका खरीदा जा सकता है.
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