
Viral News: भारत में लोगों की आस्था और सम्मान देखकर एक विदेशी महिला भावुक हो गई. महिला ऋषिकेश घूमने गई थी, जिसके बाद उसने भारत को लेकर अपना अनुभव शेयर किया है. महिला एक योगा टीचर है और वह आयरलैंड के Limerick की रहने वाली है. विदेशी महिला योगा टीचर को भारत और यहां के लोगों का सम्मान व आस्था इतना प्रभावित कर गया कि उसने दोबारा भारत आने का फैसला किया है. महिला ने बताया कि भारत से मैंने काफी कुछ सीखा है और मैं वापस ऋषिकेश जरूर आऊंगी. इसके साथ ही विदेशी महिला ने भारत की परंपरा और श्रद्धा की भी तारीफ की है. उसने कहा कि मैंने अपने सफर के दौरान लोगों को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी आस्था का पालन करते हुए देखा. यह बहुत सुंदर था.
Limerick में योगा क्लास करती हैं Maireadh
30 वर्षीय आयरिश महिला Maireadh हठ योग और योग निद्रा की क्लास कराती हैं, जिनमें बिल्कुल शुरुआती लोगों से लेकर अनुभवी योगियों तक, सभी शामिल हो सकते हैं. वह हाल ही में भारत घूमने आई थीं. इस दौरान Maireadh आगरा में ताजमहल देखने गई. इसके बाद ऋषिकेश भी पहुंची. अपनी ऋषिकेश और भारत की ट्रिप को लेकर योगा टीचर Maireadh ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है.
ऋषिकेश ट्रिप को लेकर योगा टीचर ने किया पोस्ट
उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि ऋषिकेश सचमुच बहुत बड़ा है, काश मेरे पास इसे घूमने के लिए और समय होता. मुझे यहां के रंग, प्रकृति और सबसे खूबसूरत तितलियां बहुत पसंद आ रही हैं. वे इतनी देर तक एक जगह नहीं बैठतीं कि मैं उनकी तस्वीरें ले सकूं. एक अन्य पोस्ट में Maireadh ने लिखा कि सदियों से, लोग गंगा के तट पर स्नान करने, प्रार्थना करने, आशीर्वाद पाने और अपने मन व शरीर की अशुद्धियों को दूर करने के लिए आते रहे हैं. हिंदू परंपरा में यह एक अत्यंत पवित्र नदी है, और योग से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराओं में भी इसका विशेष महत्व है.

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Photo Credit: instagram/solas__yoga
जब मैं गंगा के किनारे बैठी, तो मैं भावुक हो गई. यहां होना, नदी की शक्ति को देखना, इस जगह की ऊर्जा को महसूस करना, और एक ऐसी जगह पर मौजूद होना, जहां इतनी श्रद्धा है और जो इतने सारे लोगों के लिए इतना गहरा अर्थ रखती है. यह एक बहुत ही सुंदर अनुभव था. विदेशी महिला टीचर ने ऋषिकेश और भारत की अपनी ट्रिप से काफी कुछ सीखा और कई सबक भी लिए. इसको लेकर भी बात की है. उन्होंने लिखा कि योग के बारे में मुझे जो कुछ भी पता है, वह वहां के मेरे गुरुओं के गहरे ज्ञान के सामने समुद्र में एक बूंद के समान है. मैं लगातार विस्मय में थी और पूरी तरह से सीखने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया में डूबी हुई थी.
भारत में कोई स्पष्ट नियम नहीं दिखते- फिर सब कुछ व्यवस्थित है
Maireadh ने कहा कि अव्यवस्था भी सुंदर हो सकती है. इसके लिए उदाहरण देते हुए लिखा कि भारत में कोई स्पष्ट नियम नहीं दिखते हैं. फिर भी सब कुछ स्वाभाविक रूप से व्यवस्थित है. आप पूरी तरह से दूसरों पर भरोसा करके और आँख बंद करके आगे बढ़ सकते हैं. पता नहीं क्यों, लेकिन मुझे यह बहुत दिलचस्प और शानदार लगा. भले ही मुझे भाषा समझ नहीं आती थी, फिर भी मुझे हमेशा इंसानों के बीच एक ऐसी समझ देखने को मिली जिसकी कोई सीमा नहीं होती. जैसे एक आत्मा दूसरी आत्मा को पहचान रही हो.
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विदेशी महिला योगा टीचर ने आगे लिखा कि किसी पल पूरी तरह से मौजूद रहकर ‘आध्यात्मिक चेतना’ का अनुभव करना बिल्कुल संभव है. ऋषिकेश में मुझे कई बार ऐसा अनुभव हुआ. ऐसे पल आए जब मैं गहरी भावनाओं और कृतज्ञता से भर गया. गंगा के किनारे बैठना भी उन्हीं पलों में से एक था. मुझे लगा कि मैं बिल्कुल उसी जगह पर हूं जहां मुझे होना चाहिए था, और मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे उस जगह ने मुझे अपना लिया हो.
परंपरा और श्रद्धा को मैंने बहुत करीब से देखा. मैंने लोगों को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी आस्था का पालन करते हुए देखा. यह दिल को छू लेने वाला था. कई बार मैं फिर से भावनाओं से भर गई. Maireadh ने आखिरी में लिखा कि मैं ऋषिकेश वापस आऊंगी, लेकिन सिर्फ अभ्यास करने के लिए. ऐसा अभ्यास जो गहरे सत्यों को उजागर कर सके.
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