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अक्षरा सिंह की गाना हुआ रिलीज, सप्तमी पर गूंजा ‘दुर्गा मइया से सीख ना धूल चटावे के’ | Akshara Singh song Durga Maiya Se Seekh Na Dhool Chatave Ke released on Navratri Saptami



नई दिल्ली:

नवरात्रि की सप्तमी और मां कालरात्रि की आराधना के पावन अवसर पर गीतकार मनोज भावुक का नया भोजपुरी गीत ‘दुर्गा मइया से सीख ना धूल चटावे के’ रिलीज हुआ है. अक्षरा सिंह की आवाज में सजे इस गीत को उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल ‘अक्षरा सिंह ऑफिसियल’ से रिलीज किया गया है. गीत को संगीतबद्ध किया है मधुकर आनंद ने. मां दुर्गा के नौ रूपों में सातवें स्वरूप कालरात्रि को उनके रौद्र, विकराल और दुष्टों का संहार करने वाले रूप के लिए जाना जाता है. 

नारी के इसी निर्भीक, शक्तिशाली और अन्याय का प्रतिकार करने वाले स्वरूप को मनोज भावुक ने अपने गीत में प्रभावशाली ढंग से उकेरा है. गीत का मूल संदेश है कि नारी केवल ममता, त्याग और धैर्य की प्रतिमूर्ति नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अन्याय के विरुद्ध चंडी बनकर खड़ी होने वाली शक्ति भी है. गीत में मनोज भावुक लिखते हैं- मर्यादा पर हाथ बढ़ावे केहू त ललकार. चंडी बन जा, खूब दहाड़, पटक-पटक के मार. मत सीख खाली पूजा के थाल सजावे के.  दुर्गा मइया से सीख ना… धूल चटावे के.

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समकालीन भोजपुरी के प्रमुख गीतकारों में शुमार मनोज भावुक को फिल्मफेयर और फेमिना जैसे प्रतिष्ठित मंचों से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी लेखनी प्रेम और संवेदना के साथ सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करने के लिए भी जानी जाती है. उनका चर्चित हिंदी गीत ‘मरे हुए एक रावण को हर साल जलाते हैं हम लोग, जिंदा रावण-कंसों से तो आंख चुराते हैं हम लोग’ सामाजिक पाखंड पर चोट करने वाली उनकी इसी रचनात्मक दृष्टि का उदाहरण है.

अक्षरा सिंह ने गीत को प्रभावशाली अंदाज में गाया है. फैंस के बीच ‘शेरनी’ की छवि रखने वाली अक्षरा पर नारी शक्ति और आत्मसम्मान का संदेश देता यह गीत खूब जंचता है. मधुकर आनंद का संगीत गीत के ओजपूर्ण भाव को उभारता है. हालांकि, बेहतर दृश्य-परिकल्पना और फिल्मांकन से वीडियो को और प्रभावशाली बनाया जा सकता था. गौरतलब है कि हाल ही में मनोज भावुक और अक्षरा सिंह का गीत ‘बाढ़ में बिहार, छठी मइया खेवनहार’ भी चर्चा में रहा है. उस गीत में आपदा से जूझते लोगों के प्रति संवेदना और आस्था का स्वर था, जबकि इस नई पेशकश में नारी के आत्मसम्मान, साहस और शक्ति को केंद्र में रखा गया है.

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