मध्य प्रदेश

3 मेट्रोपोलिटन रीजन को जोड़ेगा एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: CM मोहन यादव


ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश-प्रदेश आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा है. मध्यप्रदेश के औद्योगिक इतिहास में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में एक नए युग की शुरुआत हो रही है. 

उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर राज्य के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह कॉरिडोर केवल एक इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि इसकी परीधि में आने वाले सात जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज विकास की बयार लेकर आएगा. इस कॉरिडोर से इन क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आएगा. उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक, टेक्नोलॉजी और सेवाओं का एक इंटीग्रेटेड नेटवर्क एवं चेन तैयार होगी.

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‘इंदौर, भोपाल और जबलपुर को सीधे जोड़ेगा कॉरिडोर’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 600 किलोमीटर लम्बाई वाला यह इंटीग्रेटेड इंडस्रिय यल कॉरिडोर भविष्य में प्रदेश के तीन मेट्रोपोलिटन रीजन इंदौर, भोपाल और जबलपुर को सीधे जोड़ेगा. इससे मध्यप्रदेश में भारत का सबसे बड़ा इंटिग्रेटेड इंडस्रिभोयल बेल्ट तैयार करने का हमारा संकल्प पूर्ण होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयेाजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कारीडोर निर्माण की सौगात के लिए महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज सहित जबलपुर के उद्योगपतियों एवं विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री रवि गुप्ता इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद थे. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस नए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 3 से 6 महीने में भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा. इसके बाद 6 से 12 महीने में उद्योग क्षेत्रों और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम शुरु हो जाएगा.

‘3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च 2028 के अंत तक 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि विकसित करने, 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश जुटाने और 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है. जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्रिं यल कॉरिडोर के विकास के लिए राज्य सरकार अपने पूर्ण स्वामित्व में एक विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) कंपनी स्थापित करने जा रही है, इसमें 100 करोड़ रुपए का प्रारंभिक निवेश किया जाएगा.

‘कॉरिडोर से महाकौशल क्षेत्र के लोगों को मिलेगा लाभ’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस नए कॉरिडोर से पूरे महाकौशल क्षेत्र विशेषकर जबलपुर को विशेष लाभ मिलेगा. प्रदेश की संस्कारधानी (जबलपुर), प्रशासनिक राजधानी (भोपाल) और औद्योगिक राजधानी (इंदौर) से एकल कॉरिडोर से हमेशा के लिए जुड़ जाएगी. जबलपुर क्षेत्र को भविष्य में इंडस्ट्रियल हब के साथ-साथ इंजीनियरिंग, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस एंसिलरी, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केन्द्र बनाया जाएगा. 

इसी के साथ नरसिंहपुर और रायसेन जिले को कृषि प्रसंस्करण और फूड पार्क सेक्टर में विकास का लाभ मिलेगा. वहीं भोपाल क्षेत्र को टेक्नोलॉजी, इलेक्टॉनिक्स, आईटी, नॉलेज सर्विसेज और साझा व्यावसायिक अवसंरचना का केन्द्र बनाया जाएगा. सीहोर-देवास क्षेत्र को फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और इंदौर क्षेत्र को आईटी एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स सहित अन्य निवेश क्षेत्रों में विकास की सौगातें मिलेगी. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के पूर्ण होने पर निवेशकों को बिजली, पानी, सड़क सहित सभी प्रकार की सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी. मध्यप्रदेश भारत का सबसे आकर्षक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनेगा. 

‘छोटे और बड़े व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा उद्योगपतियों को यश प्रदान करता है, ताकि वे अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमता से युवाओं को रोजगार से जोड़ सकें और जरूरतमंदों का घर भी चल पाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी सेक्टरों में हर छोटे और बड़े व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित कर रही है. नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से अवसरों को पाने की दूरी भी कम होगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास की परियोजना है. इसके लिए सरकार जल्द से जल्द सभी प्रकार के प्रबंध करने जा रही हैं. 

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्यमंत्री का व्यक्त किया आभार

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने महाकौशल क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जबलपुरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे महाकौशल सहित जबलपुर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में लोक निर्माण के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं. उन्होंने मध्यप्रदेश के चार संभागों के मुख्यालय के रूप में जबलपुर को तकनीकी विश्वविद्यालय की बड़ी सौगात दी है. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पास प्रदेश के विकास का विज़न है. कार्यक्रम में महाकौशल क्षेत्र के 11 जिलों से आए उद्योगपतियों, व्यवसायियों और व्यापारियों ने इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट को कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिवंदन कर हृदय से आभार व्यक्त किया. सभी ने मुख्यमंत्री को जबलपुर आने का आमंत्रण भी दिया.

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