

नागपुर:
महाराष्ट्र के वर्धा में स्थित अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (AIHER) के 17वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मानद डी.लिट की उपाधि दी गई. संस्थान का नाम बदले जाने के बाद यह पहला दीक्षांत समारोह था. समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ. प्रीति अदाणी ने की. दीक्षांत समारोह में कुल 2,320 डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 123 पीएचडी शामिल हैं. शैक्षणिक सम्मान के तहत 123 स्वर्ण पदक, सात रजत पदक और 13 अन्य पुरस्कार कुल 83 पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किए गए. पहले इस इंस्टीट्यूट का नाम दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च था, लेकिन अब इसे अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च के नाम से जाना जाता है. दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज (DMMC) की पूजल देविदास मापारी को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 23 पदक मिले.
CM बोले- सफलता यह कि आप समाज को कितना वापस दे रहे
कार्यक्रम में शामिल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह समाज ही है जिसने उस संस्थान का निर्माण किया, जिसके माध्यम से आप स्नातक बन सके. सफलता की परिभाषा यह नहीं है कि आप कितना पैसा कमाते हैं. सफलता की परिभाषा यह है कि आप समाज को कितना वापस दे सकते हैं.”
हल्के-फुल्के अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं इन सभी पीएचडी धारकों को देखता हूं तो भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि पीएचडी हासिल करने के लिए मुझे उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ी, जितनी इन्होंने की.”
LIVE | 17th Ceremonial Convocation 2026 of the Adani Institute of Higher Education and Research 🕞 3.27pm | 17-10-2026📍Wardha. #Maharashtra #Wardha https://t.co/r11Kz1AIOL
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) October 17, 2026
चांसलर प्रीति अदाणी बोलीं- आज का दिन हमारे लिए गर्व का क्षण
विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, “आज का दिन हमारे विश्वविद्यालय समुदाय के लिए गर्व का क्षण है. हमारे छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए यह वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण की परिणति है. हम दिवंगत दत्ता मेघे को भी याद करते हैं, जिनकी दूरदृष्टि ने इस संस्थान को आकार दिया और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जिनका योगदान इसकी विरासत का हिस्सा बना हुआ है.”
सेवा ही साधना है मेरा मार्गदर्शनक सिद्धांतः प्रीति अदाणी
प्रीति अदाणी ने आगे कहा कि मेरे लिए इस यात्रा का मार्गदर्शक सिद्धांत बहुत सरल है- “सेवा ही साधना है.” सेवा भक्ति और समर्पण का एक मार्ग है, जो हमारे रोजमर्रा के कार्यों के माध्यम से जाहिर होता है. हमारे विश्वविद्यालय में इसका अर्थ है, एक शिक्षक द्वारा संघर्ष कर रहे विद्यार्थी की सहायता करना, एक नर्स द्वारा मरीज की गरिमा को बनाए रखना, एक शोधकर्ता द्वारा पीड़ा कम करने वाले उत्तर तलाशना और एक स्वास्थ्य सेवा टीम द्वारा जरूरतमंद गांव तक पहुंचना. हमें इसी संस्कृति को आगे बढ़ाना है.
मेडिकल कमीशन के चेयरपर्सन डॉ. अभिजात को भी मिली मानद उपाधि
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरपर्सन डॉ. अभिजात शेठ को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रशासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान की गई.
बताते चले कि विश्वविद्यालय की 10 फैकल्टी में मेडिकल साइंसेज, डेंटल साइंसेज, आयुर्वेदिक साइंसेज, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग साइंसेज, एलाइड हेल्थ साइंसेज, फार्मास्युटिकल साइंसेज, इंजीनियरिंग और एलाइड साइंसेज सहित विभिन्न विषय शामिल हैं.
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