

नोएडा:
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल तो बिछ ही रहा है, अब जल्द ही पूरे प्रदेश में नमो भारत यानी रैपिड रेल का नेटवर्क भी बनेगा. यूपी से सात रूट पर नमो भारत ट्रेनें चलाने की तैयारी हैं. इससे पूरे दिल्ली एनसीआर से यूपी के बड़े शहरों की हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी. NCRTC के रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के मास्टर प्लान के तहत उत्तर प्रदेश की एनसीआर में 6 से 7 कॉरिडोर निर्माणाधीन या प्रस्तावित हैं. इसमें दिल्ली के सराय काले खां की तरह गाजियाबाद नमो भारत कॉरिडोर का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनेगा. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर देश और उत्तर प्रदेश का ये पहला RRTS कॉरिडोर है. 82.15 किमी लंबे रूट में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद. गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर, परतापुर, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल से मोदीपुरम शामिल है. इसी ट्रैक पर 13 स्टेशनों के साथ लोकल मेरठ मेट्रो भी चलाई जा रही है.
यूपी में नमो भारत के कौन-कौन से रूट
- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ : 82 किमी : गाजियाबाद, मेरठ
- गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट : 72 किमी : गाजियाबाद, नोएडा
- गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा : 64 किमी : DPR बन रही
- दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत : 56 किमी : फेज-2 में प्रस्तावित
- गाजियाबाद-हापुड़ : 35 किमी : फेज-2 में प्रस्तावित
- गाजियाबाद-बुलंदशहर-खुर्जा : 50 किमी : फेज-2 में प्रस्ताव
गाजियाबाद-ग्रेटर नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
गाजियाबाद-ग्रेटर नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश जेवर एयरपोर्ट को नमो भारत नेटवर्क से जोड़ेगी. 72 किमी के रूट पर गाजियाबाद स्टेशन से शुरू होकर सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक, अल्फा-1, परी चौक, यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी से गुजरते हुए सीधे नोएडा एयरपोर्ट टर्मिनल तक प्रस्तावित है. इसकी डीपीआर तैयार है और यूपी और केंद्र सरकार की मंजूरी बाकी है. इससे गाजियाबाद, मेरठ और दिल्ली के यात्री 40 से 45 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे.
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर अंतरराज्यीय कॉरिडोर है, जो नोएडा और ग्रेटर नोएडा को हरियाणा गुरुग्राम और फरीदाबाद से सीधे जोड़ेगा. 64 किमी लंबे रूट में गुरुग्राम से फरीदाबाद, कालिंदी कुंज, नोएडा बॉर्डर, नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए ग्रेटर नोएडा तक पहुंचेंगे. इसमें दिल्ली-मेरठ जैसे एक ही ट्रैक पर मेट्रो और रैपिड रेल दौड़ेगी. इसमें 7 रैपिड रेल और 15 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं. इसकी डीपीआर एनसीआर के पांच बड़े शहरों को दिल्ली से जोड़ेगा.
दिल्ली-शाहदरा-बागपत-बड़ौत कॉरिडोर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कृषि जिला बागपत सीधे राजधानी दिल्ली से जुड़ेगा. 54 से 56 किमी लंबा रूट दिल्ली के शाहदरा को लोनी, बागपत, खेकड़ा, बड़ौत जोड़ने की तैयारी है. एनसीआर 2032 के बाद 2041 मास्टर प्लान के फेज-2 में ये शामिल है. इसका सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है. बागपत-बड़ौत से दिल्ली की यात्रा 2 घंटे की बजाय सिर्फ 50 मिनट रह जाएगी.
गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर का रूट
गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर की बात करें तो ये हापुड़ के इंडस्ट्रियल क्लस्टर और थोक बाजारों को एनसीआर से हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. 32 से 35 किमी का ये रूट गाजियाबाद स्टेशन, कविनगर, वेव सिटी, डासना, पिलखुवा, हापुड़ इस रूट के प्रस्तावित स्टेशन हैं. फेज-2 के इस रूट के अलाइनमेंट और प्राइमरी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम हो रहा है.
गाजियाबाद-बुलंदशहर-खुर्जा कॉरिडोर
गाजियाबाद-बुलंदशहर-खुर्जा नमो भारत कॉरिडोर इंडस्ट्रियल गलियारे और चीनी मिट्टी के बर्तनों के केंद्र खुर्जा तक जाएगा. 45 से 50 किमी का रूट गाजियाबाद, डासना, गुलावठी, बुलंदशहर से खुर्जा तक जाएगा. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में इसका प्रस्ताव है. इससे बुलंदशहर की हाईस्पीड कनेक्टिविटी दिल्ली और गाजियाबाद से होगी.
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दिल्ली-मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर को मेरठ के मोदीपुरम से आगे मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार के रास्ते ऋषिकेश तक ले जाने की तैयारी है, जो 150 किमी रूट के साथ नमो भारत का सबसे लंबा रूट होगा. इस रूट के लिए सर्वे और DPR पर चर्चा चल रही है. इससे दिल्ली से ऋषिकेश 3 घंटे में पहुंच सकेंगे.





