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चीन में AI ड्रामा के लिए फेस देने पर मिल रहा रेंट, लोगों का क्रेज देख एक्सपर्ट्स ने चेताया | chinese people giving face on rent to artificial intelligence but experts giving wanrning



चीन में AI से बने शॉर्ट ड्रामा की बढ़ती लोकप्रियता ने इंसानी शक्ल-सूरत के लिए एक नया बाज़ार खड़ा कर दिया है. कुछ प्लेटफ़ॉर्म लोगों को यह मौक़ा दे रहे हैं कि वे AI से बने वीडियो और विज्ञापनों में इस्तेमाल के लिए अपने चेहरे का लाइसेंस देकर पैसे कमा सकें. लेकिन विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इससे होने वाली कमाई सीमित हो सकती है, जबकि प्राइवेसी और इमेज अधिकारों से जुड़े जोखिमों के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.

इस प्रक्रिया में आमतौर पर अपनी तस्वीरें अपलोड करना, अपनी पहचान वेरिफाई करना और एक एग्रीमेंट पर साइन करना होता है. इस एग्रीमेंट में यह तय किया जाता है कि व्यक्ति की शक्ल-सूरत का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है. चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के अनुसार, लोग अपनी शक्ल-सूरत के लाइसेंस के लिए कीमत तय कर सकते हैं और यह भी बता सकते हैं कि वे किस तरह के कंटेंट में दिखना चाहते हैं.

कितना मिलता है पैसा

इसमें आवेदन करने वाले लोग अपने चेहरे की सामने और साइड से क्लोज-अप तस्वीरें, और साथ ही पूरे शरीर की सामने, साइड और पीछे से ली गई तस्वीरें अपलोड करते हैं. इसके बाद, वे अपनी बुनियादी निजी जानकारी देते हैं और अपने चेहरे या रूप-रंग के लाइसेंस के लिए खुद ही कीमत तय करते हैं.

अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतें भी अलग-अलग होती हैं. एक आम इंसान के चेहरे का इस्तेमाल एक छोटे वीडियो के लिए करने पर लगभग 100 युआन (15 डॉलर) मिल सकते हैं, जबकि कुछ प्लेटफॉर्म्स पर कम से कम 500 युआन की कीमत तय की गई है. CCTV के अनुसार, पेशेवर कलाकार कई हजार युआन तक चार्ज कर सकते हैं, और कुछ मामलों में तो यह कीमत 10,000 युआन तक भी पहुंच जाती है.

एक्टर्स ने भी रेंट पर दिए चेहरे

कुछ अभिनेताओं ने AI-जनरेटेड कंटेंट में इस्तेमाल के लिए अपनी शक्ल का लाइसेंस पहले ही दे दिया है. अभिनेत्री ची वेई का AI अवतार, ‘हान किंगक्सिया’, एक AI-जनरेटेड एनिमेटेड सीरीज में मुख्य भूमिका निभाता है, और खुद ची वेई इसकी प्रोड्यूसर हैं. अनुभवी अभिनेता यू बेनचांग ने अपने निधन से पहले, एक AI शॉर्ट ड्रामा में अपनी शक्ल और आवाज के इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी. अभिनेत्री जॉय वोंग और अभिनेता लॉरेंस एनजी की जवानी के दौर की शक्ल का भी AI-जनरेटेड प्रोडक्शंस के लिए लाइसेंस लिया गया है.

CCTV के अनुसार, AI-जनरेटेड किरदारों में एकरूपता और पहचान बनाए रखने के लिए असली चेहरों की तस्वीरों का इस्तेमाल मददगार हो सकता है. लेकिन इमेज-जनरेशन तकनीक में हुई प्रगति ने असली चेहरों को रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल करने की जरूरत को कम कर दिया है. प्रोड्यूसर अक्सर किसी खास किरदार के लिए किसी व्यक्ति की शक्ल का लाइसेंस लेने के लिए पैसे देने को तैयार रहते हैं; और ऐसी मांग मुख्य रूप से मशहूर हस्तियों और लोकप्रिय शॉर्ट-ड्रामा कलाकारों के लिए ज्यादा होती हैं.

हालांकि, प्रोडक्शन टीमों के लिए हमेशा किसी असली इंसान के चेहरे का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होता. AI माइक्रो-ड्रामा बनाने वाली कंपनी ‘सानक्सिंग’ का कहना है कि क्रिएटर्स खास तरह के प्रॉम्प्ट्स, अलग-अलग तरह के चेहरे के हाव-भाव और डिटेल मॉडलिंग का इस्तेमाल करके अनोखे किरदार तैयार कर सकते हैं. वे बार-बार इमेज जनरेट करके और उनमें सुधार करके, उनमें कुछ कमियां जोड़ सकते हैं और ऐसे चेहरे चुन सकते हैं, जिनकी विशेषताएं आसानी से पहचानी जा सकें.

मगर इसके खतरे भी

बीजिंग तियानयुआन लॉ फर्म के बौद्धिक संपदा वकील, ली युनकाई ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ को बताया कि अनुमति का दायरा समझौते की शर्तों पर निर्भर करता है. एक ही अनुमति के तहत किसी व्यक्ति की छवि का इस्तेमाल कई तरह के प्रोडक्शन या कमर्शियल कामों में किया जा सकता है; यहां तक कि इसका उपयोग AI मॉडल को ट्रेन करने या किसी तीसरे पक्ष को सब-लाइसेंस देने के लिए भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “इससे लोगों का इस बात पर बहुत कम नियंत्रण रह जाता है कि उनकी छवि का इस्तेमाल भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित सामग्री या किसी घोटाले में तो नहीं किया जा रहा है.”

एक और चिंता यह है कि लोग शायद उन अधिकारों को पूरी तरह न समझ पाएं जो वे दूसरों को दे रहे हैं. ली के अनुसार, जटिल समझौतों की वजह से अनुमति का दायरा और उसकी अवधि स्पष्ट नहीं हो पाती है. साथ ही, लोगों को यह भी पता नहीं होता कि उनकी तस्वीर का कितनी बार इस्तेमाल किया जा रहा है, या क्या वे किसी अतिरिक्त मुआवजे के हकदार हैं.

ली ने बताया कि चीन के ‘पर्सनल इंफॉर्मेशन प्रोटेक्शन लॉ’ (व्यक्तिगत सूचना संरक्षण कानून) के तहत, चेहरे के डेटा को ‘संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी’ माना जाता है. किसी पासवर्ड के लीक होने के विपरीत, इंसान का चेहरा आसानी से बदला नहीं जा सकता. अगर चेहरे से जुड़ा डेटा लीक हो जाए या उसका गलत इस्तेमाल हो, तो अनुमति वापस लेने के बाद भी इसके असर बने रह सकते हैं—खासकर तब, जब उस डेटा का इस्तेमाल पहले ही AI मॉडल की ट्रेनिंग में किया जा चुका हो.

उन्होंने आगे कहा, “जो लोग इस तरह के काम के बारे में सोच रहे हैं, उनके लिए संभावित कमाई तो बस एक पहलू है. उन्हें यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि उनके चेहरे का इस्तेमाल कैसे हो सकता है, यह अनुमति कितने समय तक रहेगी और क्या इसे वापस लिया जा सकता है या नहीं—यह सब उन्हें मिलने वाले भुगतान जितना ही अहम है.”

लोग भी अभी हिचक रहे

चीन के लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म्स पर ‘फेशियल लाइसेंसिंग’ (चेहरे के इस्तेमाल का अधिकार देने) से जुड़ी कई पोस्ट देखने को मिलती हैं. कुछ यूजर्स अपने अनुभव साझा करते हैं, कुछ काम के मौकों का विज्ञापन देते हैं, तो कुछ इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर चिंता जताते हैं. यह बढ़ती चर्चा दिखाती है कि लोग अपने चेहरे या रूप-रंग से पैसे कमाने में दिलचस्पी ले रहे हैं, लेकिन एक आम इंसान के चेहरे की कमर्शियल वैल्यू (व्यावसायिक कीमत) अभी भी अनिश्चित है.

25 वर्षीय शियाओ लिन ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस बिज़नेस के बारे में पता चला और उन्होंने भी इसे आजमाने के बारे में सोचा था. हालांकि, सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उन्होंने अंततः इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि जो प्रमोशनल पोस्ट उन्होंने देखीं, उनमें लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई और कई लोग इस काम को आज़माना चाहते थे.

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