खबर

नागपुर गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे: 144 गांवों में सर्वे पूरा, यवतमाल, सोलापुर, कोल्हापुर तक मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी | nagpur goa shaktipeeth expressway 8 hour travel yavatmal solapur kolhapur survey update



नागपुर से गोवा के बीच बन रहा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे पर काम तेज हो गया है. यह हाईवे महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके को मराठावाड़ा से लेकर कोंकण और गोवा तक सीधा रूट देगा. जिससे नागपुर, यवतमाल, कोल्हापुर, सोलापुर जैसे शहरों की कनेक्टिविटी गोवा तक मजबूत हो जाएगी. वहीं गोवा और नागपुर के बीच की दूरी भी 18 घंटे की जगह महज 8 घंटे में पूरी हो जाएगी. शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए 144 गांवों में जॉइंट मेजरमेंट सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 265 गांवों में सर्वे का काम तेजी से किया जा रहा है. 856.765 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को अप्रैल 2026 में मंजूरी मिल चुकी है, यह 13 जिलों से गुजरेगा, जहां जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है. 

महाराष्ट्र में तेजी से पूरा हो रहा सर्वे का काम

महाराष्ट्र में नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम तेजी से चल रहा है. हाल ही में सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर जिलों में भी नए सिरे से जॉइंट मेजरमेंट सर्वे शुरू हुआ है. जिसमें 144 गांवों में सर्वे पूरा हो गया है, जबकि बाकि के गांवों में सर्वे का काम चल रहा है. इसके पहले महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके के कई जिलों में जैसे वर्धा और यवतमाल में सर्वे का यह काम पहले ही पूरा हो चुका है.महाराष्ट्र सरकार ने महत्वाकांक्षी नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करने के लिए 16 महीने का प्लान बनाया है. इस प्लान के मुताबिक सरकार दिसंबर 2027 तक जमीन अधिग्रहण का पूरा काम खत्म करने और जनवरी 2028 से जमीन पर असल निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रही है.इसके बनने से विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र को गोवा तक सीधा और बिना ट्रैफिक का रूट देगा. 

किन जिलों से निकलेगा नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे

  • वर्धा: 35 किलोमीटर
  • यवतमाल: 137 किलोमीटर
  • नांदेड़: 20 किलोमीटर 
  • हिंगोली: 70 किलोमीटर
  • परभणी: 60 किलोमीटर
  • बीड: 39 किलोमीटर
  • लातूर: 43 किलोमीटर
  • धाराशिव: 40 किलोमीटर
  • सोलापुर: 130 किलोमीटर 
  • सतारा: 49 किलोमीटर 
  • सांगली: 72 किलोमीटर 
  • कोल्हापुर: 125 किलोमीटर 
  • सिंधुदुर्ग: 36 किलोमीटर 
  • कुल: 856 किलोमीटर 

नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए  संशोधित अलाइनमेंट के मुताबिक 13 जिलों के 40 तालुकों और 409 गांवों में लगभग 8760 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है.इस प्रोजेक्ट का महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा फायदा यवतमाल, सोलापुर और कोल्हापुर जिलों को मिलेगा. क्योंकि इन जिलों से बड़ा हिस्सा होकर निकलेगा. 

नागपुर से गोवा का सफर 8 घंटे में होगा

इस हाईवे के बनने के बाद नागपुर से गोवा का सफर 8 घंटे में हो जाएगा. अभी इस सफर में 840 किलोमीटर की दूरी तय करने में 18 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन 6 लेन नया एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद दोनों राज्यों की दूरी भी कम होगी. नया एक्सप्रेसवे नागपुर से शुरू होकर वर्धा, यवतमाल से होते हुए मराठवाड़ा में एंट्री कर जाएगा. यहां धाराशिव से होते हुए पश्चिमी महाराष्ट्र में एंट्री करेगा. जहां सोलापुर से होते हुए कोल्हापुर से निकलेगा और सिंधुदुर्ग जिले से कोंकण में एंट्री कर जाएगा. यहां से सीधा पात्रादेवी गोवा में खत्म हो जाएगा. इस हाईवे पर गाड़ियों की स्पीड 100 से 120 के बीच होगी. 

2028 में शुरू होगा निर्माण 

ताजा अपडेट के मुताबिक जमीन सर्वे का काम 2 से 3 तीन महीनों में पूरा होने वाला है. जिसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 2028 से इसका काम शुरू हो सकता है. फिलहाल पर्यावरण मंजूरी के लिए भी काम चल रहा है. महाराष्ट्र के अंदर इस एक्सप्रेसवे के चलते विदर्भ, मराठवाड़ा और कोंकण के बीच दूरी में गेमचेंजर फर्क आएगा. जिससे यहां आना जाना काफी आसान हो जाएगा. 

ये भी पढ़ेंः नोएडा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का सफर होगा आसान, पर्थला चौक पर बनेगा 6-लेन अंडरपास




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button