

महाराष्ट्र के नालासोपारा में सामने आए एक चर्चित मामले में एक युवती ने आरिफ अयूब शेख नामक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने पहले उससे दोस्ती की और फिर धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में लिया. बाद में उसके साथ शारीरिक, मानसिक और धार्मिक दबाव डालने की घटनाएं शुरू हो गईं. पीड़िता के अनुसार आरिफ अयूब शेख उससे एक दोस्त के जरिए मिला था. बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा. युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगा. पीड़िता ने कहा कि उसे बार-बार बुर्का पहनने और बीफ खाने के लिए कहा जाता था. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी.
युवती का दावा है कि आरोपी अक्सर उसे धर्म बदलने के लिए मजबूर करता था और कहता था कि वह उसकी मां के साथ कुरान सीखे. पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसे धमकाता था और कहता था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो उसके साथ बुरा होगा.
भाई के पूरा परिवार भी शामिल था
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आरोपी का भाई, चचेरा भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे. उसका कहना है कि एक दिन जब उसने आरोपी का मोबाइल फोन देखा तो उसमें कई अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मौजूद थे. युवती का आरोप है कि उन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे.पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी की एक गैंग है और वह सिर्फ हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता था. युवती के अनुसार आरोपी कहता था, “हिंदू दो साल में खत्म हो जाएंगे” और वह लगातार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाता था.
70 से 80 लड़कियों को निशाना बनाया
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ जबरदस्ती की गई और उसे लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया. युवती का यह भी दावा है कि आरोपी ने 70 से 80 लड़कियों को निशाना बनाया. उसके मुताबिक आरोपी हिंदू त्योहारों जैसे नवरात्रि और गणपति विसर्जन के दौरान भी युवतियों से संपर्क बनाता था. फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.
जिम से शुरू हुए इस मामले में हिंदू युवतियों को टारगेट किया जा रहा है और लव जिहाद और धर्मांतरण की एक बड़ी साजिश रची जा रही है.
युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाना, जबरन गोमांस खिलाना और बुर्का पहनने के लिए मजबूर करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं. इस मामले के तार पाकिस्तान, ब्राज़ील और यूके तक जुड़े हुए हैं. 10 तारीख की रात को शिकायत देने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई.
सबूतों वाला मोबाइल एक व्यक्ति को देकर उसमें से चैट और वीडियो डिलीट कर दिए गए हैं. इस पूरे मामले की एक विशेष जांच दल SIT द्वारा गहन जांच की जाए, सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जिस घर में यह सब हो रहा था, उसे सील किया जाए.
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