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’10 अक्टूबर को कोई ट्रेन कैंसिल नहीं हुई’, DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में बताया | dmrc told supreme court no trains cancelled during cjp Jantar mantar protest



नई दिल्ली:

दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 45 मेट्रो स्टेशन पर एक रात पहले से ही एंट्री और एग्जिट बंद कर दी गई थी. लेकिन अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो की सेवाओं में न तो कोई कटौती की गई थी और न ही ट्रेनों के फेरों की संख्या घटाई गई थी.

दरअसल, 9 तारीख को ही दिल्ली पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की सिफारिश की थी. इसके बाद DMRC ने 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट उसी रात 9 बजे से बंद हो गई थी.

DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में क्या बताया?

DMRC ने अब सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि 10 अक्टूबर को शनिवार के तय टाइम टेबल के अनुसार 271 ट्रेनें चलाई गईं और पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 ट्रिप चलीं. 

DMRC ने कहा कि 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट पर प्रतिबंध के बावजूद बाकी 258 स्टेशन पूरी तरह चालू रहे. 45 स्टेशनों में से 14 इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को मेट्रो की एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने की सुविधा भी जारी रही.

यात्रियों को पहले से बता दिया था

DMRC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रतिबंधों की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, आधिकारिक वेबसाइट, DMRC सारथी ऐप, मेट्रो स्टेशनों पर लगे सूचना बोर्ड और ट्रेनों में घोषणाओं का इस्तेमाल किया गया. प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और ग्राउंड मार्शलों को भी तैनात किया गया था.

DMRC ने कहा कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियों के आकलन और निर्देशों के अनुसार काम करेगा और मेट्रो नेटवर्क का सुचारु संचालन सुनिश्चित करेगा.

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SC के दखल के बाद घटाए गए प्रतिबंधित स्टेशन

DMRC ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने 9 अक्टूबर को जंतर-मंतर और दिल्ली के अन्य स्थानों पर प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद करने और ट्रेन सेवाओं की फ्रीक्वेंसी कम करने का अनुरोध किया था.

9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने आवश्यक सार्वजनिक परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने पर सवाल उठाए थे. अदालत ने कहा था कि मेट्रो और अन्य रेल सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाने तथा उन्हें नियंत्रित तरीके से संचालित करने के बीच अंतर है. इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने संबंधित अधिकारियों को प्रतिबंधों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहने पर सहमति जताई थी.

DMRC के अनुसार, इसके बाद प्रतिबंधित स्टेशनों की संख्या 57 से घटाकर 45 कर दी गई. 10 अक्टूबर को रात 10 बजे से इन 45 स्टेशनों पर भी प्रतिबंध हटा दिए गए और मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगीं.

यात्रियों की संख्या 58 लाख से घटकर 32 लाख हुई

DMRC ने रिपोर्ट में कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो से लगभग 32 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि सामान्य दूसरे शनिवार को यह संख्या करीब 58 लाख रहती है. निगम ने इस गिरावट को प्रदर्शन के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने से जोड़ा है. 

रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने यात्रा से परहेज किया, जिसके कारण उन्हें अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियां, कामकाज या निजी रोजगार से जुड़ी यात्राएं छोड़नी पड़ीं.

12 अक्टूबर को छह स्टेशनों पर फिर लगाए गए प्रतिबंध

रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों- पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड पर एंट्री और एग्जिट बंद करने का निर्देश दिया था. बाद में यह अवधि शाम 5 बजे तक बढ़ा दी गई थी.




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