

44 साल पहले बॉलीवुड में एक फिल्म आई थी. यह फिल्म अपनी कहानी की वजह से काफी चर्चा में रही थी. फिल्म के कलाकारों ने एक्टिंग में काफी उम्दा की थी. फिल्म सिनेमाघरों में जबरदस्त हिट रही है.लेकिन फिल्म की कहानी से ज्यादा उसका गाना काफी पॉपुलर हुआ. यह गाना अधूरी मोहब्बत को बयां करता है. इस गाने का नाम ‘चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना’ है. जिसे आज के दौर में कई विज्ञापनों में भी सुनने को मिलता है. वैसे यह गाना नहीं एक गजल है.
गुलाम अली की आवाज ने बनाया अमर
‘चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना’ गजल को मूल रूम से हसरत मोहानी ने लिखा है. जो मूल रूप से 17 शेरों वाली है. लेकिन इसे साल 1982 की फिल्म निकाह में एक गाने के तौर पर डाला गया था. गुलाम अली ने फिल्म में इसके कुछ चुनिंदा शेर गाए. गुलाम अली की आवाज ने इसे अमर बना दिया. यह गाना इतना पॉपुलर हुआ कि आज भी लाइव शोज में सबसे ज्यादा डिमांड में रहता है.’चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना’ गाना सलमा आगा और दीपक पराशर पर फिल्माया गया है, जो इसे और भी ज्यादा खास बना देता है.
‘चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है…’ यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि अधूरी मोहब्बत की अमर कहानी बन गई. बी.आर. चोपड़ा की फिल्म निकाह ने ट्रिपल तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाया, विवादों का सामना किया, फिर भी दर्शकों के दिल जीत लिए. सलमा आगा की डेब्यू फिल्म ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और यह गजल भारतीय सिनेमा का अनमोल खजाना बन गई.
फिल्म के खिलाफ दर्ज हुए कई केस
फिल्म निकाह में सलमा आगा, दीपक पराशर और राज बब्बर मुख्य भूमिका में थे. फिल्म का पहले नाम तलाक तलाक तलाक था, लेकिन विवादों के चलते इसे निकाह कर दिया गया. फिल्म के खिलाफ कई कानूनी केस दर्ज हुए. सलमा आगा को धमकियां मिलीं, फिर भी वे डटी रहीं. बी.आर. चोपड़ा ने नई चेहरा ढूंढने के बाद सलमा को लॉन्च किया. फिल्म ने सलमा को फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड भी दिलाया.
लगभग 4 करोड़ के बजट में बनी निकाह ने 9 करोड़ से ज्यादा कमाई की और 225% प्रॉफिट कमाया. यह 1982 की छठी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म बनी और सुपर-हिट साबित हुई. विवादों के बावजूद सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगती थीं. संगीत, खासकर यह गजल, सफलता का बड़ा कारण बना.
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