मध्य प्रदेश

हिमाचल: केलंग में बनेगा हाई एल्टीट्यूड हेल्थ रिसर्च सेंटर, JP नड्डा ने किया शिलान्यास


हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलंग में उच्च हिमालयी वैज्ञानिक अनुसंधान स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी गई. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के इस प्रस्तावित केंद्र का शिलान्यास किया.

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलंग में उच्च हिमालयी वैज्ञानिक अनुसंधान स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखे जाने से क्षेत्र में स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की पहल है.

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इस केंद्र के बनने से हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और दुर्गम व ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सेना के जवानों के स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

पहाड़ी क्षेत्रों में मिलेगा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

वहीं इस रिसर्च सेंटर में उच्च हिमालयी परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही, अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों के स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर भी वैज्ञानिक अनुसंधान को गति मिल सकती है.

शिलान्यास समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

जेपी नड्डा ने किया संबोधित

अपने संबोधन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नवरात्र के दूसरे दिन संस्थान की आधारशिला रखे जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रस्तावित केंद्र के महत्व पर प्रकाश डाला.

सांसद कंगना रनौत ने क्या कहा?

वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की ओर से देश और हिमाचल प्रदेश में किए गए विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख किया. सांसद कंगना रनौत ने भी जेपी नड्डा के कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र किया.

ये रिसर्च सेंटर बड़ी पहल

लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस केंद्र की स्थापना को स्वास्थ्य अनुसंधान के लिहाज से महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इसके निर्माण के बाद स्थानीय लोगों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के अध्ययन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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