
इंदौर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की कार्यशैली और कथित अवांछित व्यवहार को लेकर जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय के वकीलों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. इसी के विरोध में दोनों बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने कुटुंब न्यायालय पर उग्र प्रदर्शन किया और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.
दरअसल इंदौर कुटुंब न्यायालय के न्यायधीश धीरेंद्र कार के व्यवहार को लेकर इंदौर के वकीलोंए खासा रोष है. इंदौर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश पाल ने जानकारी दी कि नई कार्यकारिणी के चुनाव जीतने के बाद से ही लगातार कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के व्यवहार को लेकर वकीलों और पक्षकारों से ढेरों शिकायतें मिल रही थीं.
न्यायाधीश का वकीलों से बात करने का लहजा उचित नहीं
वकीलों का आरोप है कि न्यायाधीश का वकीलों से बात करने का लहजा और आचरण उचित नहीं है. इस गंभीर विषय पर पूर्व में भी उच्च न्यायालय में दो बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं. सोमवार (12 अक्टूबर) को उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय, इंदौर के दोनों अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर प्रशासनिक न्यायाधीश से मुलाकात की और अपनी बात रखी.
वकीलों का कहना है कि बार और बेंच न्यायपालिका के दो अहम पहलू हैं, और यदि वकीलों व पक्षकारों के साथ ही अच्छा व्यवहार नहीं किया जाएगा, तो आम जनता न्याय की क्या उम्मीद रख सकती है? जिला कोर्ट बार अध्यक्ष राकेश पाल और सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने दो टूक शब्दों में कहा कि न्यायाधीश को उनके व्यवहार में सुधार लाने के लिए अंतिम अवसर और चेतावनी दी गई है.
कोसमी में आदिवासियों के घर उजड़े तो भड़के शिवराज चौहान, अफसरों पर नाराज
व्यवहार में बदलाव नहीं, तो वकील उग्र आंदोलन को बाध्य
यदि इसके बावजूद व्यवहार में बदलाव नहीं आया, तो वकील उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. इसके तहत पहले कार्य का बहिष्कार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल या कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया जाएगा. हालांकि, वर्तमान में माननीय न्यायाधीश द्वारा भविष्य में अपने व्यवहार पर ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन आगे की ठोस रणनीति दोनों बार एसोसिएशन के सभी सम्मानित सदस्यों के साथ बैठक कर तय की जाएगी.
राजगढ़: बीजेपी MLA की कार ने बाइक सवार को मारी टक्कर, पिता की मौत, बेटा जख्मी
