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पायलट स्मित की बहादुरी याद करके कैमरे पर रो पड़े इजरायली डॉक्टर, NDTV को बताया भारतीय कैप्टन की कैसे बचाई जान | Israeli dentist Dr Shota Musaev saved life of flydubai Indian Pilot Smit Machchhar Exclusive Interview tells what happened



30 सितंबर को दुबई से इजरायल जाने वाली Flydubai की फ्लाइट में आतंकी साजिश को अंजाम देने की कोशिश हुई. ओमानी को-पायलट ने ही उसे हाइजैक करके क्रैश करना चाहा. लेकिन उसकी मंशा पर पानी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने फेरा. कैप्टन स्मित को-पायलट के हमले में बुरी तरह घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. ऐसे नाजुक समय में पायलट स्मित की जान प्लेन में मौजूद एक डेंटिस्ट ने बचाई थी. उनका नाम है डॉ. शोटा मुसायेव, जिन्होंने NDTV से एक्सक्लूसिव बात की. डॉ. शोटा मुसायेव की नजर में पायलट स्मित सबसे बड़े हीरो हैं और वह उनकी बात करते हुए रो पड़े.

डॉ. शोटा मुसायेव पैसेंजर के समूह का हिस्सा भी थे, जो उस नाजुक समय में कॉकपिट के पास पहुंचे थे और सब कुछ आंखों के सामने होते देखा था. उन्होंने NDTV से बात करते हुए कहा, “पायलट स्मित सचमुच हीरो हैं. मैंने तो बस वही किया जो मैं आमतौर पर करता हूं. असली हीरो तो स्मित हैं. जब प्लेन नीचे जा रहा था, तब उनके सिर पर बहुत गहरी चोट होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला था. मेरे लिए तो वही हीरो हैं.”

डॉ. ने बताया आखिर हुआ क्या था?

डॉ. शोटा मुसायेव ने कहा, “मैं कॉकपिट के अंदर नहीं, उसके पास गया था. जब मैं दौड़कर इस एरिया में पहुंचा तो मैंने देखा कि स्मित फ्लोर पर हैं और आतंकवादी (को-पायलट) दूसरी तरफ है. मैंने वहां पहुंचे दूसरे लोगों के कपड़ों पर खून के निशान देखे. मैंने फिर स्मित की मदद करनी शुरू कर दी. स्मित के सिर पर, उनके हाथ पर बहुत गहरे कट लगे थे. पूरे खून में लथपथ थे. मैंने उनका इलाज शुरू कर दिया. उनकी नब्ज उस समय बहुत धीमी थी. एक समय में तो वह बहुत नीचे जा चुकी थी. उनके पैरों को ऊपर किया गया, तब जाकर नब्ज की गति सामान्य हुई.”

जब डॉ. शोटा मुसायेव से सवाल किया गया कि अगर पायलट स्मित के पैरों को ऊपर नहीं किया जाता तो क्या उनकी जान पर खतरा था. इस पर जवाब देते हुए डॉ. शोटा मुसायेव ने कहा कि उनके हिसाब से तो स्मित मच्छार बहुत मजबूत इंसान हैं. अगर वैसा नहीं भी किया जाता तो वह मौत को मात दे देते.

डॉ. शोटा मुसायेव ने आगे बताया कि उस घायल अवस्था में स्मित अपने परिवार के बारे में बात कर रहे थे. वह बता रहे थे कि वह कहां रहते हैं. “उन्होंने तब मुझे बताया था कि उनके दो बच्चे हैं. उनकी उम्र 38-39 के आसपास है. वह दुबई में रहते हैं. हमारे पास 3-5 मिनट होते हैं और उस पेशेंट के लिए वह बहुत अहम वक्त होता है. वह बात करते रहे, नॉर्मल रहे.”

डॉ. शोटा मुसायेव ने NDTV से बात करते हुए बताया कि पायलट स्मित को सिर के पिछले हिस्से और हाथों पर ही चोट लगी थी. उनके शरीर के किसी और भाग में नहीं. डॉ. शोटा मुसायेव के अनुसार, इन दोनों जगहों पर जख्म बहुत गहरा था. उन्होंने बताया कि खून के बहाव को रोकने के लिए उन्होंने पायलट स्मित के सिर के पिछले भाग और हाथों पर बर्फ (आइस पैक) रखा था. उससे खून बहना रुक गया.

NDTV ने डॉ. शोटा मुसायेव से सवाल किया कि आपकी फैमिली का क्या रिएक्शन था? उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ी बात थी कि मैं अपने परिवार के पास लौट आया हूं, अपने बच्चों के पास वापस हूं. मेरी पत्नी भी मेरे साथ उस प्लेन में मौजूद थी. मुझे लगता है कि उस प्लेन में मौजूद हर पैसेंजर और पायलट हीरो है. मैं स्मित मच्छार के लिए बहुत खुश हूं कि वह अब अपने परिवार, अपनी पत्नी और बच्चों के साथ हैं. मुझे लगता है कि जब प्लेन का ब्लैक बॉक्स सामने आएगा तो हम सब सुन पाएंगे कि उस वक्त क्या बात हो रही थी.”

डॉ. शोटा मुसायेव ने आखिर में कहा कि वह जल्द पायलट स्मित से मिलना चाहेंगे. ऑन टीवी यह बात कहते हुए उनका गला भर आया, उनकी आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने कहा कि अब हम सब एक बड़े परिवार के सदस्य हैं, जो भी उस प्लेन में मौजूद थे. उस दिन हमें नई जिंदगी मिली थी.

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