
कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन से उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या तक पदयात्रा निकालने जा रहे हैं. तकरीबन 910 किलोमीटर की इस यात्रा का संकल्प लेने वाले दिग्वजिय सिंह अब 80 बरस के हो गए हैं. ऐसे में लोगों का सवाल है कि वह इस उम्र में कैसे इतनी लंबी यात्रा करेंगे और इसकी क्या वजह है. दिग्विजय सिंह ने खुद कहा कि उनसे अक्सर लोग यह सवाल करते हैं. वीडियो जारी कर उन्होंने खुद इसका जवाब दिया है.
दिग्विजय सिंह ने कहा, “मुझसे लोग पूछते हैं कि आपको क्या सूझा कि 80 साल की उम्र में शिवधाम से रामधाम तक पदयात्रा करने जा रहे हैं. मैंने कहा भाई देखो, मेरे लिए उम्र कोई बात नहीं है. अंग्रेजी में कहावत है- A man is as old as he feels. मैं अगर केवल 50 साल का महसूस करता हूं, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.”
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेशः CM यादव ने महात्मा गांधी-पूर्व PM लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन
VIDEO | Congress leader Digvijaya Singh says, “People often ask me what made me decide, at the age of 80, to undertake ‘padyatra’ from Shiv Dham to Ram Dham, from Ujjain to Ayodhya ji. I tell them that, as far as I am concerned, age is not an issue. Why do people object to my undertaking this ‘padyatra’? What is the reason behind it? The only reason is that Sanatan Dharma has repeatedly been associated with the word ‘Hindu’, and the RSS, Vishwa Hindu Parishad and Savarkar gave it the name ‘Hindutva’. As a result, a rift was created across the country between Hindus and Muslims, Hindus and Sikhs, and Hindus and Christians. Mahatma Gandhi was a person who respected Sanatan Dharma and Sanatani traditions. He believed in the message: ‘Raghupati Raghav Raja Ram, Ishwar Allah Tere Naam, Sabko Sanmati De Bhagwan’.” (Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 5, 2026
दिग्विजय सिंह की पदयात्रा का कारण?
कांग्रेस के पूर्व सांसद दिग्विजय सिंग ने बताया, “मेरी इस पदयात्रा का एकमात्र कारण है- इस देश में जिस तरीके से सनातन धर्म को ‘हिंदू-हिंदू’ करते रहे. RSS-VHP में हिंदुत्व और सावरकर ने उसको हिंदुत्व नाम दे दिया. इस वजह से पूरे देश में हिंदू-मुसलमान, हिंदू-सिख, हिंदू-ईसाई के बीच में आपने खाई पैदा कर दी है. यह नहीं होना चाहिए. यही भाव लोगों तक पहुंचाने के लिए यह पदयात्रा हो रही है.”
‘हमारे ग्रंथों में हिंदू शब्द नहीं’
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि हिंदू धर्म कोई नहीं कह रहा है. सब सनातन धर्म कह रहे हैं. उनका दावा है कि जबसे उन्होंने सनातन कहना शुरू किया, तबसे ज्यादा लोगों ने सनातन शब्द का इस्तेमाल किया. हिंदू शब्द की उतपत्ति फारसी से हुई है. यह हमारे धर्मग्रंथों में नहीं पाया जाता. उनके इस बयान पर सियासत तेज हो गई है.
दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी को किया याद
कांग्रेस नेता ने कहा, “महात्मा गांधी वो शख्सियत थे, जिन्होंने सनातन धर्म और इसकी परंपराओं का सम्मान किया. जिन्होंने रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम. ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम सबको सम्मित दे भगवान यानी अपने पसंदीदा सद्भाव भजन का गायन कर आपसी भाईचारे के विचार आगे बढ़ाए.”
यह भी पढ़ें: गुना: अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर! दिव्यांग भाई को कंधे पर लेकर पहुंची बहन
