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‘ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे, लेकिन सिस्टम का भी हिसाब होगा’, SIR को लेकर राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला | Rahul Gandhi Targets CEC Gyanesh Kumar Over SIR Calls Deletion of Voter Names A Method of Vote chori



लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने SIR में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि सीईसी को तो जाना पड़ेगा, लेकिन उस ‘सिस्टम’ का भी हिसाब होगा, जिसने उनसे यह सब करवाया है. उन्होंने दिल्ली के यमुना किनारे स्थित झुग्गी बस्ती ‘बेला एस्टेट’ में जाकर कई ऐसे लोगों से मुलाकात की जिनके नाम SIR के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे.

राहुल गांधी ने शेयर किया वीडियो

उनका कहना था कि इस इलाके में रहने वाले 728 लोगों में से 727 लोगों के नाम काट दिए गए. राहुल गांधी ने लोगों से मुलाकात का एक वीडियो भी ‘एक्स’ पर शेयर किया, जिसमें वह क्षेत्र के एसडीएम से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में राहुल एसडीएम से मतदाताओं के नाम हटाने के कारणों के बारे में पूछते नजर आ रहे हैं और बातचीत के आखिर में वह चेतावनी भरे लहजे में कहते हैं, ‘आप मुझे अपना पूरा नाम, पद के बारे में जानकारी दे दीजिए, मैं आपको दूसरे तरीके से देखता हूं.’

‘ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे’

कांग्रेस नेता ने इस विषय को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे. पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा.’ उन्होंने ने दावा किया कि यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं. SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा – बाकी 727 नाम काट दिए गए.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ये लोग दशकों से वहां रह रहे हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा तथा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में मतदान किया था. साल 2023 में उनके घर तोड़ दिए गए थे, लेकिन वे वहां से गए नहीं और अब भी उसी इलाके में रह रहे हैं.’

उन्होंने पोस्ट में कहा, “एसडीएम से फोन पर मैंने यही कहा- मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है. खुद सीईसी ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि ‘हाउस नंबर 0’ बेघरों के लिए है. फिर भी 727 लोगों के नाम काट दिए गए.”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘यह एसआईआर नहीं, यह वोट चोरी का तरीका है. जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताकत छीनी जा रही है.’ दिल्ली के चुनाव अधिकारियों ने पिछले दिनों कहा था कि बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती के लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से इसलिए हटाए गए क्योंकि उनके मकान ध्वस्त कर दिए गए थे.

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