
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के चर्चित मामले में जांच एजेंसी ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में 8 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जैसे पुख्ता साक्ष्य पेश किए गए हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि चढ़ावे के पैसों से जमीन, मकान और महंगी गाड़ियां खरीदी गई थीं.
आरोपियों के पास से लाखों रुपये नकद, विदेशी मुद्रा (डॉलर) और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं. इस केस में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत 133 लोगों को सरकारी गवाह बनाया गया है.
चार्जशीट दाखिल होने के बाद संत समाज में तीखा आक्रोश देखने को मिल रहा है. साधु-संतों ने इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा की मांग उठाई है.
महंत रवींद्र पुरी: “दोषियों की संपत्ति जब्त हो, घरों पर चले बुलडोजर”
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (रजि.) के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने जांच पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला केवल पैसों की हेराफेरी का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर आघात है.
महंत रवींद्र पुरी के मुख्य बिंदु:
बुलडोजर कार्रवाई की मांग: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह अन्य गंभीर अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई करते हैं, ठीक उसी तरह राम मंदिर में चोरी करने वाले दोषियों के घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिए.
संपत्ति जब्ती: सभी 8 आरोपियों, उनके रिश्तेदारों, बैंक खातों और मोबाइल लेन-देन की गहन जांच हो. चोरी के पैसे से अर्जित पूरी संपत्ति जब्त कर सरकारी खजाने या राम जन्मभूमि कोष में जमा की जाए.
अदालती हस्तक्षेप: इस पूरे मामले में किसी भी स्तर पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 500 वर्षों के संघर्ष के बाद मंदिर बना है; यदि कोई कानून से बचने की कोशिश करेगा, तो वह हनुमान जी के प्रकोप से नहीं बचेगा. इस मामले में अदालत को सख्त संज्ञान लेना चाहिए.
महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज: “दूध का दूध, पानी का पानी हुआ”
नया उदासीन अखाड़ा (हरिद्वार) के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने पुलिस और जांच एजेंसी की कार्रवाई की सराहना की है. उन्होंने कहा कि चार्जशीट से साफ हो गया है कि ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद थे.
निराधार आरोपों का अंत: महाराज ने कहा कि विरोधी लोग ‘चंदा चोरी’ का झूठा भ्रम फैला रहे थे. जांच ने साबित कर दिया कि मंदिर ट्रस्ट पाक-साफ है और अपराध कुछ भ्रष्ट लोगों द्वारा चढ़ावे की रकम में किया गया था.
कड़ी सजा की अपील: पुलिस ने असली गुनहगारों को बेनकाब किया है. जिन्होंने भगवान राम के कार्य में विघ्न डाला है और सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें कानून के तहत ऐसी सजा मिले जो नजीर बने.
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