
मुंबई एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की तस्करी के एक बेहद अनोखे और शातिर मामले का पर्दाफाश किया है. डीआरआई की मुंबई जोनल यूनिट ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दुबई से आए तीन भारतीय यात्रियों को पकड़ा. इन यात्रियों के पास से करीब 14.81 करोड़ रुपये मूल्य का 9.40 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया है. तलाशी के दौरान तस्करों का सोना छिपाने का तरीका देखकर सुरक्षा अधिकारी भी हैरान रह गए. तस्करों ने पकड़े जाने से बचने के लिए सोने को बारीक पाउडर में बदल दिया था. इसके बाद उन्होंने इस सोने के पाउडर को उसी रंग और बनावट वाले खाद्य पदार्थों जैसे मिल्क पाउडर, ओट्स, विभिन्न प्रकार के आटों, न्यूटेला और नारियल के दूध के पाउडर में मिला दिया था.
चालाकी से सोना छिपाकर ले रहे थे
मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट की ऑपरेशनल मदद से खास खुफिया जानकारी के आधार पर 23 सितंबर को यह कार्रवाई की गई. दुबई से आए तीन यात्रियों के पास सोने को बहुत चालाकी से छिपाकर ले जाया जा रहा था. सामान की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि विदेशी मूल के सोने को बारीक पाउडर में बदलकर, उसी रंग, बनावट और रूप-रंग वाले पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स में बहुत सावधानी से मिलाया गया था. यह तरीका आम जांच से बचने के लिए अपनाया गया था.
सोने के पाउडर को दूध पाउडर, ओट्स, अलग-अलग तरह के आटे, न्यूटेला और नारियल के दूध के पाउडर जैसे आम दिखने वाले फूड पैकेट्स में छिपाया गया था. तीनों यात्रियों के सामान से कुल मिलाकर लगभग 33.50 किलोग्राम ऐसे फूड प्रोडक्ट्स बरामद किए गए, जिनमें सोने का पाउडर मिला हुआ था.

करीब 10 किलो सोना बरामद
सावधानीपूर्वक अलग करने और जांच के बाद डीआरआई अधिकारियों ने 9.40 किलोग्राम शुद्ध सोना बरामद किया. जब्त किए गए सोने की कीमत लगभग 14.81 करोड़ रुपए आंकी गई है. इस खेप को कस्टम्स एक्ट, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त किया गया.
पूछताछ के दौरान तीनों यात्रियों ने स्वीकार किया कि वे सोने की तस्करी करने वाले एक ही संगठित गिरोह के लिए काम कर रहे थे. कस्टम्स ने उन्हें कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया.

अधिकारियों ने तस्करी के इस तरीके को नया और बहुत ही चालाकी भरा बताया. सोने के पाउडर को रोजमर्रा की ऐसी खाने-पीने की चीजों में मिलाकर, जो दिखने और बनावट में बिल्कुल वैसी ही थीं, तस्करों ने स्टैंडर्ड सिक्योरिटी और कस्टम्स जांच से बचने की कोशिश की.
डीआरआई ने कहा कि यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की तस्करी करने वाले नेटवर्क द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों और ऐसे गिरोहों को खत्म करने की एजेंसी की लगातार कोशिशों को दिखाता है. यह मामला भारतीय एयरपोर्ट्स के जरिए सोने की तस्करी के खिलाफ डीआरआई की लगातार कार्रवाई का हिस्सा है. गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और इस ऑपरेशन के पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.
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