

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसंघ नेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर अलग अंदाज में नजर आए. वे दिल्ली में आयोजित भजन क्लबिंग में ‘जेन जी’ (युवाओं) के साथ शामिल हुए. इस दौरान PM मोदी खुद ढपली बजाते नजर आए और युवाओं ने भी उनके साथ ताल से ताल मिलाई. भजन क्लबिंग में पीएम मोदी के पहुंचने से युवाओं को उत्साह दोगुना हो गया था.
Bhajan Clubbing in Delhi.
Spectacular! pic.twitter.com/BujBa4lzk7
— Narendra Modi (@narendramodi) September 25, 2026
दरअसल, भारतीय जनसंघ नेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती हर साल 25 सितंबर को मनाई जाती है. भाजपा और उसके नेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय को अपना आदर्श मानती है. उनकी जयंती को देश में ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. जयंती के अवसर पर दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में भजन क्लबिंग का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होकर पीएम मोदी ने अपनी जड़ों से जुड़ती देश की युवा शक्ति का उत्साहवर्धन किया. पीएम का यह अंदाज युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने और भारतीय संस्कृति को नए दौर में लोकप्रिय बनाने की दिशा में एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
जानिए क्या है भजन क्लबिंग?
यह वेस्टर्न म्यूजिक और क्लबिंग के दौर में भारतीय संस्कृति और भजनों को आधुनिक रंग में ढालने का एक नया तरीका है, जिसे जेन जी और युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इस तरह के कार्यक्रम भजनों, मंत्रों, आरती को वेस्टर्न म्यूजिक स्टाइल में बजाया जाता है. इस दौरान लाइटिंग, साउंड और माहौल क्लब या कॉन्सर्ट जैसा ही होता है. इस तरह के कार्यक्रम में नशीले पदार्थों या शराब की जगह आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और सकारात्मकता से भरा माहौल होता है. बीते कुछ समय से भारत में भजन क्लबिंग का चलन तेजी से बढ़ा है.





