धर्म

Ganesh Visarjan 2026: 23 सितंबर को 10 दिन पूरे, फिर बप्पा का विसर्जन 25 सितंबर को क्यों?


Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई गई थी. इस हिसाब से तारीख गिनने पर 23 सितंबर को गणेश उत्सव के 10 दिन पूरे हो रहे हैं. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब गणेश उत्सव को 10 दिनों का पर्व कहा जाता है, तो बप्पा का मुख्य विसर्जन 23 सितंबर के बजाय 25 सितंबर को क्यों किया जाएगा? इसका कारण अंग्रेजी कैलेंडर नहीं, बल्कि पंचांग की तिथियां हैं.

23 सितंबर को पूरे हो रहे हैं 10 दिन

गणेश चतुर्थी से तारीखों की सामान्य गिनती करें तो 14 सितंबर पहला और 23 सितंबर दसवां दिन बनता है. यहीं से भ्रम पैदा हो रहा है. कई लोग मान रहे हैं कि 10 दिन पूरे होते ही गणपति विसर्जन कर देना चाहिए, लेकिन धार्मिक पर्व केवल सूर्योदय से बदलने वाली तारीखों के आधार पर तय नहीं होते.

गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी को संपन्न होता है. इसलिए मुख्य गणेश विसर्जन के लिए 10 तारीखें पूरी होने के बजाय चतुर्दशी तिथि का होना आवश्यक माना जाता है.

23 सितंबर को कौन-सी तिथि रहेगी?

पंचांग के अनुसार 23 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल द्वादशी रहेगी. इसी कारण इस दिन वामन जयंती भी मनाई जाएगी. इसके बाद त्रयोदशी और फिर चतुर्दशी तिथि आएगी.

भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात लगभग 11:17 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर की रात लगभग 11:08 बजे समाप्त होगी. 25 सितंबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहने के कारण इसी दिन अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी और मुख्य गणेश विसर्जन किया जाएगा.

10 दिन का उत्सव फिर 12 तारीखों तक क्यों?

यह अंतर तिथि और तारीख की अवधि के कारण बना है. अंग्रेजी कैलेंडर की प्रत्येक तारीख रात 12 बजे बदल जाती है, लेकिन हिंदू पंचांग की तिथि चंद्रमा और सूर्य की गति के आधार पर बदलती है. कोई तिथि 24 घंटे से छोटी या बड़ी हो सकती है. इसी कारण कभी-कभी 10 दिनों का कहा जाने वाला गणेश उत्सव अंग्रेजी कैलेंडर में 10 से अधिक तारीखों तक दिखाई देता है.

इसलिए 14 से 25 सितंबर के बीच 12 तारीखें पड़ने का अर्थ यह नहीं है कि इस बार धार्मिक गणना गलत हो गई है. उत्सव का निर्धारण चतुर्थी से चतुर्दशी तिथि तक होता है.

क्या 23 सितंबर को गणेश विसर्जन नहीं कर सकते?

यह कहना सही नहीं होगा कि 23 सितंबर को विसर्जन करना पूरी तरह वर्जित है. घरों में विराजमान गणपति का विसर्जन अलग-अलग पारिवारिक परंपराओं और संकल्प के अनुसार डेढ़, तीन, पांच, सात या अन्य निर्धारित दिनों में किया जाता है. किसी विशेष कारण से परिवार ने 23 सितंबर को विदाई का संकल्प लिया है तो अपने कुलाचार या पुरोहित की सलाह से विसर्जन किया जा सकता है.

लेकिन जिन श्रद्धालुओं ने गणपति को अनंत चतुर्दशी तक विराजित रखने का संकल्प लिया है, उन्हें 25 सितंबर को ही विसर्जन करना चाहिए. सार्वजनिक पंडालों और बड़े गणेशोत्सवों का मुख्य विसर्जन भी सामान्यतः अनंत चतुर्दशी पर ही होता है.

क्या पंचक का पड़ेगा असर?

23 सितंबर की रात से पंचक शुरू होने को लेकर भी भ्रम बना हुआ है. पंचक मुख्य रूप से कुछ विशेष निर्माण, लकड़ी एकत्र करने, चारपाई बनाने और दक्षिण दिशा की यात्रा जैसे कार्यों में विचार किया जाता है. गणेश विसर्जन एक पर्वकालीन धार्मिक अनुष्ठान है, जिसकी तिथि पहले से अनंत चतुर्दशी के आधार पर निर्धारित होती है. इसलिए केवल पंचक लगने के कारण मुख्य गणेश विसर्जन की तारीख बदलना आवश्यक नहीं माना जाता.

इसलिए 25 सितंबर को होगी बप्पा की मुख्य विदाई

सीधी बात यह है कि 23 सितंबर को तारीख के हिसाब से गणेश उत्सव के 10 दिन अवश्य पूरे हो रहे हैं, लेकिन उस दिन चतुर्दशी तिथि नहीं होगी. अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को उदया तिथि में रहेगी. इसी कारण बप्पा की मुख्य विदाई 23 नहीं, बल्कि 25 सितंबर को की जाएगी.

FAQ

गणेश विसर्जन 2026 कब है?
मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाएगा.

क्या 23 सितंबर को गणेश विसर्जन कर सकते हैं?
पारिवारिक परंपरा या पूर्व संकल्प के अनुसार किया जा सकता है, लेकिन अनंत चतुर्दशी वाला मुख्य विसर्जन 25 सितंबर को होगा.

गणेश उत्सव के 10 दिन 23 सितंबर को पूरे होने के बाद भी विसर्जन 25 सितंबर को क्यों है?
क्योंकि गणेश उत्सव का समापन अंग्रेजी तारीखों की गिनती से नहीं, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि से निर्धारित होता है.

क्या पंचक में गणेश विसर्जन किया जा सकता है?
गणेश विसर्जन पर्व की निर्धारित तिथि पर होने वाला धार्मिक अनुष्ठान है. सामान्यतः पंचक के कारण इसकी तारीख नहीं बदली जाती.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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