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NDTV पर DUSU के ‘धुरंधर’: हॉस्‍टल, प्लेसमेंट और सुरक्षा… बताया क्या करेंगे काम, NSUI की हार पर बोले शौकीन | dusu winners interview ndtv yash dabas deepanshu shokeen hostel placement plan 



नई दिल्ली:

दिल्‍ली में Gen Z प्रदर्शन और विपक्ष के युवाओं का भाजपा से भरोसा उठने के दावे के बीच एबीवीपी की यह सीट शानदार मानी जा रही है. साथ ही, कांग्रेस के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बीच पार्टी लिए बड़ा झटका. ABVP की जीत को लेकर NDTV ने यश डबास, रिया छावड़ी, लक्ष्य राज सिंह और सबसे ज्‍यादा चौंकाने वाले उपाध्‍यक्ष दीपाशु शौकीन से बात की. आइए, जातने हैं उन्‍होंने क्‍या कहा? 

DUSU का बजट 44 लाख, इसे ज्‍यादा कराने का प्रयास

DUSU के अध्‍यक्ष यश डबास अपनी आगे की रणनीति के सवाल पर कहा-  हमारा पहला काम पीजी और हॉस्‍टल की ऑडिट कराना होगा, जिससे स्‍टूडेंट की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. सत्‍य निकेतन जैसी घटना को दोबरा होने से रोका जा सके. उन्‍होंने कहा क‍ि हमारी दूसरी प्राथमिका है क‍ि हर स्‍टूडेंट को हॉस्‍टल उपलब्‍ध कराया जाए, जिससे उन्‍हें जर्जर पीजी या हॉस्‍टल में न रहना पड़े. 

यश डबास ने कहा- DUSU बजट 44 लाख रुपये होता है. इतने बजट में नए हॉस्‍टल बनाना संभव नहीं है, ऐसे में विश्वविद्यालय से मांग करेंगे क‍ि इसे बढ़ाया जाए. हम छात्रों के हित से जुड़ा हर मुद्दा पूरी ताकत से उठाएंगे और उसे हल कराने का प्रयास करेंगे. 

सुरक्षा के लिए करेंगे काम 

सचिव रिया छावड़ी ने चुनाव में उम्‍मीदवार बनाने के लिए ABVP संगठन का आभार जताया. उन्‍होंने कहा क‍ि संगठन को पता था कि मैं अपने वादे पर खरी उतरूंगी, ऐसा ही हुआ. महिला सुरक्षा के सवाल पर रिया ने कहा- हम गर्ल्‍स कॉलेज में पिंक बूथ बनवाएं, सीसीटीवी लगवाएं, सुरक्षा के लिहाज से जो भी जरूरी होंगे वो कदम उठाए जाएंगे. 

12 साल बाद राजस्‍थान के छात्र को मिला टिकट 

संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह ने कहा- ABVP ने 12 साल बाद किसी राजस्‍थान के छात्र को टिकट दिया था. मुझे अपनी और मेरे साथियों की मेहनत पर पूरा भरोसा था. साथ ही, डीयू में पढ़ने वाले राजस्‍थान के छात्रों ने भी मुझ पर भरोसा जताया. चुनाव आते-आते मुझे लगने लगा था जीत तय है. हालांकि, वोटों की काउंटिंग के दौरान उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन आखिर में सब ठीक रहा. 

आईआईटी समेत अन्‍य बड़े संस्‍थानों में हो रहीं छात्रों की सुसाइट के सवाल पर लक्ष्य राज सिंह ने कहा- डिग्री पूरी करने के बाद छात्र के लिए सबसे जरूरी है कि उसे प्लेसमेंट मिले. ऐसे में हमारी प्राथमिका है क‍ि डीयू के ज्‍यादा से ज्‍यादा कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल खुलवाए जाएं. 

दीपांशु शौकीन ने बताई एनएसयूआई की कमी 

उपाध्‍यक्ष दीपांशु शौकीन ने कहा- मेरी जीत छात्रों की जीत है. इससे यह मैसेज गया है क‍ि अगर कोई मेहनत और ईमानदारी से काम करते हुए आगे बढ़ रहा है तो उसे कोई नहीं रोक सकता. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के सवाल पर दीपांशू ने कहा- वे नेता हैं और युवा उनसे बहुत कनेक्‍ट करते हैं. लेकिन, यह चीज जिस संगठन को ग्राउंड लेवल पर उतारनी चाहिए वो यह नहीं कर पा रहा है. 

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