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राहुल गांधी का कार्यक्रम ‘झूठ’ की गूंज… BJP का हमला, MP सीएम से लेकर प्रधान तक किसने क्‍या कहा? | rahul gandhi indore chhatron ki goonj bjp hits back dhami mohan yadav dharmendra pradhan


कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार 19 सितंबर को मध्‍य प्रदेश के इंदौर दौरे पर रहे, जहां वे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में श‍ामिल हुए. कार्यक्रम में राहुल गांधी के सामने एक युवक ने पीएम मोदी की मिमिक्री की, जिस उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है. साथ ही, कार्यक्रम में राहुल गांधी की गईं कुछ अन्‍य टिप्पणियों को लेकर भी भाजपा अब राहुल गांधी पर हमला हो गई. मप्र के सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को झूठ की गूंज करार दिया. उन्‍होंने कहा क‍ि आज मप्र का स्कूल शिक्षा बजट ₹38,658 करोड़ है, जो आपकी सरकार में ₹2,000 करोड़ के आसपास था. 

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मप्र के सीएम मोहन यादव.

कांग्रेस जनता के बीच भ्रम पहला रही- सीएम यादव  

मप्र के सीएम मोहन यादव ने राहुंल गांधी के कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ करार दिया. उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा की तरह वे अपने विषय के प्रति लापरवाह नजर आए. बिना तैयारी के उन्होंने कुछ बच्चों और युवा मित्रों से संवाद किया, जिससे लगा कि कांग्रेस ने जनता के बीच भ्रम फैलाने की दृष्टि से यह कार्यक्रम आयोजित किया. दुख इस बात का है कि जब बात बच्चों और स्कूल शिक्षा की आती है, तो तथ्यों को भी सामने रखना चाहिए. 

मप्र का स्कूल शिक्षा बजट ₹38,658 करोड़

मप्र में सांदीपनि विद्यालयों सहित सरकार की विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है. वर्ष 1956 से 2002-03 तक अधिकांश समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही, उस समय स्कूल शिक्षा का बजट लगभग ₹2,000 करोड़ के आसपास था, जबकि आज मप्र का स्कूल शिक्षा बजट ₹38,658 करोड़ है.

सीएम यादव ने क‍हा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं, उनके शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश दिए जाते थे? क्या आने-जाने के लिए साइकिल दी जाती थी? क्या मेधावी बच्चों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं दी जाती थीं? आज हमारी सरकार ये सब दे रही है. 

धर्मेंद्र प्रधान बोले- सच्‍चाई लफ्फाजी से अधिक महत्वपूर्ण

भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने भी राहुल गांधी पर‍ निशाना साधा. उन्‍होंने एक्‍स पर लिखा- विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक माइक लेकर और एक गढ़ी हुई ‘सिस्टम बनाम छात्र’ की कहानी के साथ इंदौर आए. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली हर चुनौती को ‘कब्जे में लिए गए सिस्टम’ के सबूत के रूप में चित्रित किया. लेकिन, सच्चाई लफ्फाजी से अधिक महत्वपूर्ण है. छात्र जवाबों के हकदार हैं, न कि राजनीतिक नाटक के. विपक्ष के नेता अपना एजेंडा बेचने में व्यस्त हैं. 

लोन मिल रहा, बुनियादी ढांचा मजबूत हो रहा 

भारत ने उच्च शिक्षा पहुंच का विस्तार किया है, जिसमें GER (सकल नामांकन अनुपात) 2014–15 के 23.7% से बढ़कर 2023–24 में 30% हो गया है. पीएम-विद्यालक्ष्मी अब पात्र छात्रों के लिए बिना किसी गारंटी के शिक्षा ऋण और ब्याज सहायता प्रदान करती है, जबकि पीएम-उषा राज्य के संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को मजबूत कर रही है. हमारी क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है और हमारी संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है.

परीक्षा में गड़बड़ी के लिए कानून बनाया 

मोदी सरकार ने 2024 में परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ एक समर्पित कानून बनाया और अब इसे और कड़े दंड व फास्ट-ट्रैक अदालतों के साथ मजबूत किया है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिले. छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. लेकिन, अवसर, बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता का विस्तार करने के लिए किए जा रहे कार्यों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए. 

क्या राहुल गांधी समाधानों पर बात करेंगे, या वे हर छात्र की चिंता को राजनीतिक साधन बनाते रहेंगे? भारत के छात्रों को यह बताने के लिए किसी राजनीतिज्ञ की आवश्यकता नहीं है कि वे क्रोधित हों. उन्हें ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो कार्य करें, ऐसे अवसरों की जो विस्तारित हों और एक ऐसी सरकार की जो उनके साथ खड़ी रहे.

मां राजनीति का विषय नहीं, अपमान स्वीकार्य नहीं

उत्तराखंड के सीएम धामी ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए एक्‍स पर लिखा- इंदौर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की स्वर्गीय माताजी के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे जाएं और उस पर राहुल गांधी हंसे, यह दृश्य बेहद शर्मनाक और पीड़ादायक है. मां राजनीति का विषय नहीं होती, मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता. 

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उत्तराखंड के सीएम धामी ने राहुल गांधी पर हमला बोला. 

राजनीतिक विरोध कीजिए, लेकिन प्रधानमंत्री जी की स्वर्गीय माताजी को लेकर कही गई अमर्यादित बात पर हंसना आपके राजनीतिक संस्कारों को स्वयं उजागर करता है. राहुल गांधी जी, राजनीतिक विरोध में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ देना न लोकतंत्र है, न सेवा और न ही संस्कार. देश की मातृशक्ति सब देख रही है, ऐसी असंवेदनशीलता और उपहास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जाएगा. 

एबीवीपी की जीत ने राहुल गांधी की ‘झूठ की गूंज’ को तार-तार किया 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा-  राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो सुधरने वाले नहीं हैं. वे बनावटी निराशा फैलाने की आदत से बाहर नहीं निकलेंगे. डूसू चुनाव के नतीजों में एबीवीपी की शानदार जीत ने राहुल गांधी की ‘झूठ की गूंज’ को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है. अगर, उनमें जरा भी आत्मसम्मान बचा होता तो वे छात्रों से माफी मांगते. इसके बजाय वे लगातार जहर उगल रहे हैं. डूसू चुनाव का संदेश साफ है कि छात्रों को ऐसे लोग नहीं चाहिए जो नकारात्मकता फैला रहे हैं. उन्हें समाधान चाहिए. 

इस सिस्टम में स्टूडेंट को अपना भविष्य नहीं दिख रहा… इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी

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