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1949 की वो फिल्म, जिसे धर्मेंद्र ने 40 बार देखा, सुरैया को देखने के लिए मीलों पैदल जाते थे, गीता दत्त-रफी की आवाज में 12 गाने आज भी हैं एवरग्रीन | 1949 film dharmendra watched 40 times fans walked miles to see suraiya 12 evergreen songs in geeta dutt mohammed rafi voice



बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र की लव स्टोरी की बात होती है तो सबसे पहले हेमा मालिनी का नाम याद आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्मों की दुनिया में धर्मेंद्र का पहला क्रश कौन थीं? उनका पहला क्रश कोई और नहीं बल्कि अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस और सिंगर सुरैया थीं. सुरैया की खूबसूरती, आवाज और अदाकारी के धर्मेंद्र इतने बड़े फैन थे कि उनकी एक फिल्म देखने के लिए कई किलोमीटर पैदल तक चले जाते थे. यह फिल्म थी साल 1949 में रिलीज हुई ‘दिल्लगी’.

सुरैया को देखने के लिए मीलों पैदल जाते थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र ने कई मौकों पर सुरैया के लिए अपनी दीवानगी का जिक्र किया है. वह उनके इतने बड़े प्रशंसक थे कि ‘दिल्लगी’ को करीब 40 बार देखने थिएटर पहुंचे थे. कहा जाता है कि उस दौर में उनके पास फिल्म देखने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते थे, फिर भी वह सुरैया को पर्दे पर देखने के लिए मीलों पैदल चलकर सिनेमाघर पहुंच जाते थे.

सुरैया उस दौर की उन चुनिंदा कलाकारों में थीं, जो एक्टिंग के साथ-साथ अपनी आवाज का जादू भी चलाती थीं. उनकी खूबसूरती और गायकी ने लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया था और धर्मेंद्र भी उन्हीं प्रशंसकों में शामिल थे. बाद में धर्मेंद्र ने यह भी बताया कि सुरैया को देखकर ही उनके मन में फिल्मों में आने की इच्छा पैदा हुई थी.

‘दिल्लगी’ में थे 12 गाने, आज भी याद किए जाते हैं

1949 में रिलीज हुई ‘दिल्लगी’ का निर्देशन एआर कारदार ने किया था और फिल्म में सुरैया के साथ श्याम ने मुख्य भूमिका निभाई थी. फिल्म की कहानी और कलाकारों के साथ-साथ इसका संगीत भी खूब पसंद किया गया था.

खास बात यह है कि ‘दिल्लगी’ के साउंडट्रैक में कुल 12 गाने थे. उस दौर के लोकप्रिय गायकों की आवाज ने इन गीतों को खास बना दिया. फिल्म के संगीत से जुड़े गीतों में सुरैया के साथ मोहम्मद रफी, गीता दत्त, शमशाद बेगम की आवाज भी सुनने को मिली. यही वजह है कि करीब सात दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी फिल्म के गाने पुराने हिंदी सिनेमा के चाहने वालों के बीच याद किए जाते हैं.

सुरैया की जिंदगी में देव आनंद भी आए

सुरैया सिर्फ धर्मेंद्र की पसंदीदा अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं. उनका नाम अभिनेता देव आनंद के साथ जुड़ा. दोनों के बीच नजदीकियां फिल्मी दुनिया में चर्चा का विषय बनीं और दोनों शादी भी करना चाहते थे. हालांकि परिवार की आपत्तियों के चलते यह रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका. देव आनंद से रिश्ता खत्म होने के बाद सुरैया ने कभी शादी नहीं की. उन्होंने लंबे समय तक फिल्मों में काम किया और ‘रुस्तम सोहराब’ (1963) के बाद फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली.

आज भी याद की जाती हैं सुरैया

सुरैया को हिंदी सिनेमा की शुरुआती महिला सुपरस्टार्स और सिंगिंग स्टार्स में गिना जाता है. ‘अनमोल घड़ी’, ‘दिल्लगी’, ‘मिर्जा गालिब’ और ‘शमा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई. उनकी खूबसूरती, अदाकारी और गायकी का ऐसा जादू था कि दशकों बाद भी उनकी चर्चा होती है.

31 जनवरी 2004 को 74 साल की उम्र में सुरैया का निधन हो गया. लेकिन उनकी फिल्में, उनकी आवाज और उनसे जुड़े किस्से आज भी पुराने हिंदी सिनेमा के चाहने वालों के बीच उन्हें जिंदा रखते हैं. और धर्मेंद्र का उनसे जुड़ा यह किस्सा इस बात की याद दिलाता है कि कभी एक फिल्म स्टार की दीवानगी किसी को सिनेमा की दुनिया तक पहुंचने की वजह भी बन सकती है.

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