
Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. कारखानों, गैराज, दुकानों और निर्माण स्थलों से लेकर घर के लैपटॉप तक, इस दिन उन सभी चीजों की पूजा की जाती है जिनकी मदद से व्यक्ति अपना काम और आजीविका चलाता है. इसलिए पूजा की तैयारी केवल भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर लगाने तक सीमित नहीं है. मशीनों और औजारों को पूजा के लिए तैयार करना भी इस परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है.
अगर आपके कार्यस्थल पर सुबह जल्दी काम शुरू हो जाता है, तो मशीनों की सफाई आज रात ही कर लेना बेहतर रहेगा. लेकिन इस दौरान जल्दबाजी में कोई ऐसा काम न करें जिससे मशीन खराब हो जाए या दुर्घटना का खतरा पैदा हो.
आज रात सबसे पहले कार्यस्थल साफ करें
जिस स्थान पर पूजा होनी है, वहां से बेकार सामान, धूल और कचरा हटा दें. भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा रखने के लिए साफ चौकी तैयार करें. उस पर पीला या लाल वस्त्र बिछाया जा सकता है.
हथौड़ी, पेचकस, रिंच, कैंची, सिलाई मशीन, ड्रिल मशीन अथवा दूसरे छोटे औजारों को साफ करके एक स्थान पर रख दें. विश्वकर्मा पूजा की प्रचलित विधि में भी औजारों और मशीनों को साफ करके पूजा स्थल के पास रखने की बात कही गई है.
बड़ी मशीनों को पानी से धोने के बजाय निर्माता द्वारा बताए गए सुरक्षित तरीके से ही साफ करें. बिजली से चलने वाली मशीन या लैपटॉप की सफाई से पहले उसका मुख्य स्विच बंद करें. धार्मिक तैयारी के नाम पर मशीन के अंदर पानी, तेल, रोली या कोई ज्वलनशील पदार्थ न डालें.
सुबह मशीन छूने से पहले क्या करें?
पूजा वाले दिन काम शुरू करने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें. कार्यस्थल पर भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करें और मशीनों तथा औजारों पर हल्का तिलक लगाएं. ध्यान रहे कि तिलक केवल सुरक्षित बाहरी हिस्से पर लगाया जाए. स्विच, इंजन, तार, सेंसर या चलने वाले पुर्जों पर रोली और फूल न रखें.
इसके बाद फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें. दीपक जलाते समय उसे मशीन, पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, कपड़े अथवा केमिकल से दूर रखें. पूजा में सुरक्षा की अनदेखी करना विश्वकर्मा पूजा के मूल भाव के विरुद्ध होगा, क्योंकि इस दिन काम की कुशलता के साथ दुर्घटनाओं से रक्षा की भी प्रार्थना की जाती है.
क्या पूजा वाले दिन मशीन चलाना मना है?
कई कारखानों और कार्यशालाओं में पूजा के बाद पूरे दिन मशीनें बंद रखने की परंपरा है. कुछ स्थानों पर पूजा और प्रसाद वितरण के बाद काम दोबारा शुरू कर दिया जाता है. मशीन को पूरे दिन बंद रखना कोई ऐसा सार्वभौमिक नियम नहीं है जिसे हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य माना जाए.
अस्पताल, परिवहन, बिजली, सुरक्षा और दूसरी जरूरी सेवाओं में मशीनें बंद करना संभव भी नहीं होता. ऐसे स्थानों पर काम शुरू करने से पहले संक्षिप्त पूजा या मानसिक प्रार्थना की जा सकती है. पूजा के बाद मशीन चलानी हो तो सबसे पहले फूल, मौली और पूजा सामग्री उसके चलते हिस्सों से हटा दें. इसके बाद सामान्य सुरक्षा जांच करके ही मशीन शुरू करें.
लैपटॉप और मोबाइल की भी पूजा कर सकते हैं?
आज के समय में कंप्यूटर, लैपटॉप, कैमरा, मोबाइल और दूसरे डिजिटल उपकरण भी लोगों की आजीविका का साधन हैं. इसलिए उनकी पूजा की जा सकती है. उपकरण को बंद करके साफ कपड़े से पोंछें और उसके पास फूल रखकर भगवान विश्वकर्मा से काम में कुशलता और सही निर्णय की प्रार्थना करें. स्क्रीन, चार्जिंग पोर्ट या कीबोर्ड पर रोली और जल न लगाएं.
विश्वकर्मा पूजा का संदेश केवल मशीन को तिलक लगाना नहीं, बल्कि अपने काम, कौशल और उपकरणों का सम्मान करना है. इसलिए आज रात सफाई और व्यवस्था पूरी कर लें, ताकि सुबह पूजा जल्दबाजी में नहीं, सुरक्षित और शांत मन से हो सके.
FAQ
विश्वकर्मा पूजा से पहले मशीन कब साफ करनी चाहिए?
मशीन और औजारों की सफाई पूजा से एक दिन पहले की जा सकती है. बिजली से चलने वाली मशीन को बंद करके सुरक्षित तरीके से ही साफ करें.
क्या विश्वकर्मा पूजा वाले दिन मशीन चलाना मना है?
मशीन बंद रखने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों और कार्यस्थलों में अलग है. यह सभी लोगों के लिए अनिवार्य नियम नहीं है. पूजा के बाद सुरक्षा जांच करके काम शुरू किया जा सकता है.
मशीन पर रोली और जल चढ़ा सकते हैं?
मशीन के सुरक्षित बाहरी हिस्से पर हल्का तिलक लगाया जा सकता है. स्विच, तार, मोटर, सेंसर या चलते पुर्जों पर रोली, जल और फूल नहीं रखने चाहिए.
क्या लैपटॉप और मोबाइल की पूजा कर सकते हैं?
हां. आजीविका में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, मोबाइल, कैमरा और दूसरे डिजिटल उपकरणों की पूजा की जा सकती है.
पूजा के बाद मशीन कब चलाएं?
पूजा पूरी होने के बाद मशीन से फूल, मौली और पूजा सामग्री हटाकर सामान्य सुरक्षा जांच करें. इसके बाद मशीन शुरू की जा सकती है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.