खबर

भारत को भी बनाना पड़ेगा यूट्यूब का विकल्प, NDTV से खास बातचीत में रूसी विधायक ने की आत्मनिर्भरता की बात | Abhay Kumar Singh Russian leader BRICS Summit



नई दिल्ली:

भारत में 5 साल बाद BRICS समिट होने जा रही है. राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को BRICS समिट होगी. इस समिट में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना भी है. पुतिन के दौरे और भारत-रूस के संबंध पर रूसी विधायक अभय कुमार सिंह ने NDTV से बात करते हुए कहा कि दोनों की दोस्ती बहुत अच्छी है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों में पीपुल टू पीपुल की दोस्ती भी है.

अभय कुमार सिंह का जन्म भारत में ही हुआ था. वह रूस के पहले भारतीय विधायक हैं. मोदी-पुतिन की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बहुत अहम मंच है. इसमें मुख्य रूप से तीन देश- भारत, रूस और चीन- इन तीनों देशों को मिलकर इसका यूज करना बहुत जरूरी है, क्योंकि अभी जो हालात है, ऐसे हालात में अगर आप अपने साख बनाकर नहीं चलेंगे तो अकेले पड़ जाएंगे. 

अभय सिंह बोले- पश्चिम घबराया हुआ है

उन्होंने कहा कि पश्चिम के लोग इससे इतने घबराए हुए हैं, क्योंकि पहले उनका काम दूसरे देशों के संसाधन का शोषण करना था, लेकिन अब ब्रिक्स में ऐसे देश हैं जिन्होंने कभी किसी दूसरे देश पर राज नहीं किया है. इनके एक साथ जुटने से पश्चिम की हालत खराब है.

क्या यूक्रेन जंग पर होगी चर्चा?

क्या यूक्रेन जंग को लेकर भी मोदी-पुतिन में कोई चर्चा हो सकती है? इस पर अभय सिंह ने कहा कि ब्रिक्स युद्ध के संगठन का मंच नहीं है. मेरे ख्याल से इस पर चर्चा नहीं होगा. अगर पर्सनली चर्चा करना चाहें तो हो सकता है. युद्ध कोई भी देश अपनी खुशी से नहीं करता है. जब मजबूरी होती है तभी हथियार उठाना पड़ता है. लेकिन हर युद्ध का अंत तो एग्रीमेंट से ही होता है.

आत्मनिर्भर बनना होगा: अभय सिंह

उन्होंने कहा कि पूरे विश्व का बहुध्रुवीय होना बहुत जरूरी है. इतिहास में देखिए युद्ध की जितनी स्थिति पश्चिमी देशों ने बनाई है, अगर आप मिलकर साथ नहीं चलेंगे तो आप वेस्ट के चक्कर में पड़ जाएंगे. 

उन्होंने कहा कि सारे पश्चिमी देशों में मंदी आई हुई है. मेरे ख्याल से ब्रिक्स देशों को आपस में बात करके आत्मनिर्भरता बनानी पड़ेगी. अपना सोशल मीडिया बनाना होगा, अपनी न्यूज एजेंसी बनानी होगी. रूस में हमारा अपना यूट्यूब है, हमारे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं, इंडिया को भी इस पर काम करना होगा, क्योंकि आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है.

भारत और रूस की दोस्ती पर क्या बोले?

दोनों देशों की दोस्ती पर अभय सिंह ने कहा कि रूस तो विश्व का सबसे बड़ा देश है, यहां प्राकृतिक संसाधन बहुत ज्यादा है. ब्रिक्स में भी इस पर प्राकृतिक संसाधान और रेयर अर्थ मिनरल पर भी चर्चा होगी. 

उन्होंने कहा कि पुतिन और मोदी की बहुत अच्छी दोस्ती है. दोनों देशों की दोस्ती तो बहुत हाईलेवल पर है. पीपुल टू पीपुल की दोस्ती भी है.
 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button