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पालघर अस्पताल मारपीट केस में हाईकोर्ट सख्त, 9 आरोपी फरार; SP को कोर्ट में तलब कर मांगा जवाब | High Court takes stern view Palghar hospital assault case 9 accused absconding SP summoned court and asked an explanation



पालघर अस्पताल में एक कर्मचारी के साथ मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत के निर्देश के बाद पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतीश देशमुख को खुद कोर्ट में पेश होकर मामले की जानकारी देनी पड़ी. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का पूरा ब्यौरा देने का आदेश दिया था.

10 में से 9 आरोपी अब भी फरार

सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि मामला दर्ज होने के बावजूद 10 में से 9 आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद इतने आरोपी कैसे फरार हो गए.

अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की स्थिति पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है. न्यायालय की टिप्पणी के बाद पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है.

मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने के संकेत

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि स्थानीय पुलिस आरोपियों को पकड़ने और जांच को आगे बढ़ाने में सफल नहीं हो रही है तो मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपने पर विचार किया जा सकता है. अदालत की इस टिप्पणी को पुलिस के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है.

केस डायरी को लेकर भी नाराजगी

सुनवाई के दौरान केस डायरी को लेकर भी अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई. हाईकोर्ट ने कहा कि जांच से जुड़ी डायरी नियमित रूप से नहीं रखी जा रही है. अदालत ने टिप्पणी की कि केस डायरी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि इसे कानून और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार गंभीरता से तैयार किया जाना चाहिए.

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद अब इस मामले की जांच पर करीबी नजर रखी जा रही है. अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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