

हरियाणा के गुरुग्राम में शनिवार दोपहर हुई तेज बारिश ने उमस भरी गर्मी से तो राहत प्रदान की, लेकिन शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया जिससे यातायात जाम की समस्या उत्पन्न हो गई. सिर्फ एक घंटे में 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के बाद सरहौल बॉर्डर से राजीव चौक तक यातायात धीमा रहा.
एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के प्रमुख इलाकों और उन्हें जोड़ने वाली सड़कों पर हल्के से मध्यम स्तर का जलभराव हो गया. सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ.
बारिश रुकते ही दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया. सरहौल बॉर्डर से राजीव चौक और सुभाष चौक तक वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े. सड़क किनारे जलभराव के कारण दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया.
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में राजीव चौक, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, उद्योग विहार और सेक्टर-14 के आसपास की सड़कें शामिल हैं, जहां यातायात काफी धीमा हो गया.
वाहन चालकों के अनुसार, शहर के अलग-अलग स्थानों पर जलभराव के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों, दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
उद्योग विहार फेज-3 और पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर पहले से मौजूद गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया. इसके चलते वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतते हुए कम गति से वाहन चलाने पड़े.
यातायात जाम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस सक्रिय हो गई. प्रमुख चौराहों और जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि यातायात का मार्ग परिवर्तन करके जाम को हटाया जा सके.
गुरुग्राम यातायात पुलिस ने दिल्ली में भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए वाहन चालकों के लिए परामर्श जारी किया है. गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले वाहनों को इफ्को चौक पर यू-टर्न लेकर आया नगर बॉर्डर के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करने की सलाह दी गई है. वहीं, हवाई अड्डा जाने वाले यात्रियों को द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सक्रिय मानसून टर्फ और कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव के कारण गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटे तक रुक-रुककर बारिश जारी रहने की संभावना है. विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले घंटों में तेज बारिश जारी रहती है, तो निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति काफी गंभीर हो सकती है.
भाषा का इनपुट





