

नेपाल में विनाशकारी सैलाब ने भारी तबाही मचाई है. इस मुश्किल समय में भारत ने एक पड़ोसी होने का असली फर्ज निभाया है. भारत ने नेपाल को सिर्फ राहत सामग्री नहीं भेजी है, बल्कि रेस्क्यू एक्सपर्ट और फॉरेंसिक दलों को भी नेपाल की मदद के लिए मैदान में उतार चुका है. डीएनए पहचान से लेकर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश तक, भारत और नेपाल की टीमें मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं.
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत से पहुंचे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने नेपाल पुलिस की केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में नेपाली विशेषज्ञों के साथ बैठक की है. ये टीम रसुवा जलसैलाब में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के विश्लेषण में सहयोग कर रही है. आपदा के बाद कई मामलों में शवों की पहचान चुनौती बन जाती है और ऐसे में डीएनए जांच पीड़ित परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है.
The Forensic Teams from India met Nepali experts at Nepal Police Central Forensic Science laboratory and Tribhuvan University Teaching Hospital for the important work of analysis of DNA samples of those who perished in the devastating #Rasuwa flash floods. India’s support to… pic.twitter.com/JEGhnFQMqN
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) August 30, 2026
मृतकों की पहचान करने में मदद कर रही भारतीय टीमें
राजदूत ने भारतीय फॉरेंसिक टीम के सदस्यों से भी मुलाकात की, जो भारत की चौथी राहत उड़ान के साथ काठमांडू पहुंचे थे. यह टीम अत्याधुनिक फोरेंसिक उपकरणों के साथ नेपाल पहुंची है और नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटी है.
वहीं दूसरी ओर, भारत ने सुरंगों में खोज और बचाव अभियान के लिए भी विशेष तकनीकी दल नेपाल भेजा है. यह टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र के जलविद्युत परियोजना सुरंग स्थलों पर काम कर रही है. सुरंगों में खोज अभियान बेहद जटिल और जोखिम भरा माना जाता है. इसके लिए खास उपकरण और प्रशिक्षित एक्सपर्ट की जरूरत होती है. भारतीय टीम नेपाली सेना के साथ समन्वय बनाकर लगातार सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है.
Met the Indian technical team for tunnel rescue operation this morning. The team conducted a recce of tunnels in Chilime and Langtang power plants area with Nepali Army. This will facilitate early search and rescue operations. Additional team is expected to arrive today in Nepal… https://t.co/GlN7iCObmN pic.twitter.com/hRE6wJr05O
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) August 29, 2026
भारत ने फुल सपोर्ट का किया वादा
नेपाल में राहत अभियान को और मजबूती देने के लिए भारत की चौथी राहत उड़ान भी काठमांडू पहुंची. इस उड़ान में करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट शामिल हैं. इसके अलावा इसी विमान से सुरंग खोज एवं बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी भेजे गए. इसके साथ ही डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और आवश्यक उपकरणों को भी नेपाल पहुंचाया गया.
4th flight from 🇮🇳 with 11 tonnes of relief supplies including blankets, sleeping bags, tarpaulin, plastic sheets & hygiene kits. arrived in Kathmandu. The flight also brought:
➡️ Additional technical contingent along with equipment for tunnel search & rescue operations.
➡️ A… pic.twitter.com/XTtl7rCWsQ
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) August 30, 2026
फ्लैश फ्लड से जूझ रहे नेपाल में भारतीय टीमें राहत, बचाव और पीड़ितों की पहचान जैसे संवेदनशील कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. भारत ने साफ किया है कि नेपाल में चल रहे राहत और बचाव प्रयासों के लिए उसका समर्थन आगे भी जारी रहेगा.
नेपाल में आई इस त्रासदी के बीच भारत की सक्रिय भागीदारी एक बार फिर दोनों देशों के गहरे और भरोसेमंद रिश्तों को दुनिया के सामने लाती है. जब पड़ोसी संकट में है, तब भारत राहत सामग्री के साथ-साथ अपनी विशेषज्ञ टीमों को भी मैदान में उतारकर पीड़ितों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है.
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