मध्य प्रदेश

रीवा में प्रसव के बाद महिला और बच्चे की मौत, जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन


मध्य प्रदेश के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल (GMH) में प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला. घटना से नाराज परिवार के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया और इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. 

परिजनों के प्रदर्शन के चलते अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. रीवा मेडिकल कॉलेज में 26 अगस्त को प्रसव के बाद निधन हो चुकी कल्पना मिश्रा की मौत की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति तीन दिनों के भीतर स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त और चिकित्सा एवं चिकित्सा एवं चिकित्सा विभाग (एनएचएम) को जांच रिपोर्ट सौंपेगी.

दमोह: बेटे ने किया सुसाइड, सदमे में माता-पिता भी ट्रेन के आगे कूदे, तीनों की मौत

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने घटना को लेकर सवाल खड़े किए हैं. जीतू ने महिला के साथ बदसलूकी की विडियो  शेयर किया है. इस पर उन्होंने लिखा, “रीवा के सरकारी अस्पताल से स्तब्ध करने वाला वीडियो सामने आ रहा है. पहली डिलीवरी के लिए आई कल्पना महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते और चिल्लाते हुए मदद मांग रही है. कह रही है कि इस तरह का इलाज जारी रहा तो ये लोग मुझे मार डालेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “यही नहीं, इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत भी हो गई. रीवा मप्र के स्वास्थ्य मंत्री का जिला है. फिर भी बुनियादी व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं. क्या सरकार दोनों सरकारी हत्याओं की जांच करवाएगी? क्या दोषियों को कठोर दंड मिलेगा?”

प्रसव के लिए अस्पताल लाई गई थी महिला

मृतका बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के हटवा गांव की निवासी बताई जा रही है. परिजनों के मुताबिक महिला को प्रसव के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल लाया गया था. यहां इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई. परिजनों का दावा है कि महिला की मौत के बाद नवजात की हालत भी गंभीर हो गई और कुछ समय बाद उसकी भी जान चली गई.

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जातीं, तो संभवत: दोनों की जान बचाई जा सकती थी. हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

परिजनों ने की एफआईआर की मांग

परिजनों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, दोषी पाए जाने पर डॉक्टर को निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मामले की जांच केवल अस्पताल स्तर पर न कराकर वरिष्ठ अधिकारियों या स्वतंत्र जांच एजेंसी के माध्यम से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

धरने के दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ नाराजगी जताई. उनका कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे. फिलहाल मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. 

मेडिकल कॉलेज रीवा के डीन का कहना है कि परिजनों की मांग पर पोस्टमॉर्टेम किया जा रहा है. अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और यदि इलाज में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.

MP में अस्पताल से चार लाख रुपये के जेवर लेकर भागा कुत्ता, कांग्रेस ने साधा निशाना



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button