
हिमाचल प्रदेश में बुधवार (26 अगस्त) तड़के सुबह शिमला और चंबा में भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है. सबसे पहले चंबा में सुबह 4:38 बजे 2.5 तीव्रता के भूकंप के झटका महसूस किये गए. इसके बाद शिमला में सुबह 5:46 बजे 4.0 तीव्रता का भूकंप आया.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शिमला में आये भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी, जो कि 31.387° उत्तरी अक्षांश और 77.787° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया.
जान-माल की हानि नहीं
वहीं, चंबा में आये भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 63 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी. भूकंप के जटकों से लोग डरे हुए हैं. फिलहाल भूकंप से इलाकों में किसी तरह के जान-माल की हानि की सूचना नहीं है. स्थानीय प्रशासन ने भी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं दी है. हालांकि, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही प्रशासन और संबंधित एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
देश के उत्तरी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भी भूकंप
हिमाचल के अलावा देश के उत्तरी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भी भूकंप के झटकों की खबरे सामने आई हैं. अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले में भी आज सुबह 5:28 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गए. इसकी तीव्रता 2.5 दर्ज की गई. इसके साथ ही लद्दाख के लेह में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. NCS के अनुसार, सुबह 3:30 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र 36.734° उत्तरी अक्षांश और 74.277° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया, जिसकी गहराई जमीन से 137 किलोमीटर नीचे रही.
क्यों आता है भूकंप?
बता दें कि धरती के अंदर बड़ी-बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में लगातार गति होती रहती हैं, लेकिन जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, या एक-दूसरे पर चढ़ती हैं या फिर एक दूसरे से दूर होती हैं तो उस स्थान पर अत्यधिक दबाव और तनाव पैदा होता है. इससे संचित ऊर्जा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के रूप में चारों तरफ फैलती हैं और धरती में कंपन्न पैदा होता है. इसी को भूकंप के झटकों के रूप में हम महसूस करते हैं. इसकी तीव्रता हर बार अलग-अलग होती है.
