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‘बंटवारा 1947’ के फ्लॉप होते ही निराश हुए आमिर खान और सनी देओल, टूट गए राजकुमार संतोषी | Aamir Khan and Sunny Deol disheartened and Rajkumar Santoshi was devastated after Batwara 1947 flopped



‘बटवारा 1947′ को दर्शकों की उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिलने से फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी काफी निराश हैं. फिल्म में सनी देओल लंबे समय बाद राजकुमार संतोषी के निर्देशन में नजर आए हैं, जबकि आमिर खान इसके निर्माता हैं. फिल्म को लेकर संतोषी और पूरी टीम को उम्मीद थी कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी को देखने के लिए उनके पुराने प्रशंसक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचेंगे. लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया उम्मीद से काफी कम रही.

फिल्म फ्लॉप की वजह से टूट गए संतोषी
  
राजकुमार संतोषी ने दर्शकों की बेरुखी पर खुलकर बात करते हुए कहा, “मैं वास्तव में टूट गया था, मायूस हो गया था.” उन्होंने आगे कहा कि लोग अच्छी फिल्में बनाते हैं, संघर्ष करते हैं, तो सवाल उठता है कि लोग आए क्यों नहीं? लोग आ क्यों नहीं रहे हैं? संतोषी के मुताबिक, अगर लोग आकर फिल्म पसंद नहीं करते और उसे खारिज कर देते, तो उन्हें कोई अफसोस नहीं होता, क्योंकि इससे पहले भी ऐसा हुआ है और वह कभी यह नहीं सोचते कि उन्होंने फिल्म बनाई है तो सारी दुनिया को वह फिल्म देखनी ही चाहिए और वह बड़ी हिट होनी चाहिए. पहले भी उनकी कुछ फिल्में चली हैं और कुछ नहीं चली हैं, लेकिन वह इस बार चाहते थे कि लोग आकर इस फिल्म को देखें. संतोषी के मुताबिक, फिल्म को दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया फिलहाल कुछ फीकी रही है.  

आगे क्या बोले

निर्देशक ने कहा, “मैंने सनी के साथ तीन फिल्में बनाई हैं. तीनों बहुत बड़ी हिट फिल्में हैं. आज तक लोगों को याद हैं, ‘घायल’, ‘घातक’, ‘दामिनी’, सारे संवाद याद हैं. आज भी उनकी फिल्में चलती हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि 1996 में आखिरी फिल्म साथ आई थी और उसके इतने लंबे समय बाद दोनों फिर साथ आए हैं, इसलिए उम्मीद और भी ज्यादा थी कि उनके जो प्रशंसक हैं, वो फिल्म देखने जरूर आएंगे. 

सनी को रोल ने किया निराश 

फिल्म में सनी देओल का किरदार एक मुस्लिम व्यक्ति का है. संतोषी के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनसे बात करने के बाद उन्हें बताया कि वे सनी को इस तरह के किरदार में देखना नहीं चाहते थे. “कई लोगों ने मुझसे यह बात कही है कि वे सनी देओल को उस मुस्लिम किरदार में नहीं देखना चाहते थे. वे नहीं चाहते थे कि वह वही करें जो पाकिस्तान में जाकर मार के आ जाए, मुसलमानों को गालियां दे, उनको जैसे बॉर्डर या दूसरी फिल्म में गदर-वदर में किया है,” संतोषी ने कहा. उन्होंने स्वीकार किया कि हमने मुस्लिम किरदार बनाया तो यह बात हमको पता थी, लेकिन हमने और सनी ने बहुत हिम्मत की. आमिर खान साहब ने भी इस बात की हिम्मत की कि एक अच्छा अभिनेता किसी एक छवि तक सीमित नहीं रहना चाहिए.  

सनी फिल्म के लिए हुए राजी

फिल्म बनने से पहले आमिर और संतोषी के बीच इस बात पर लंबी चर्चा और थोड़ा संदेह भी था कि सनी को यह किरदार करना चाहिए या नहीं. लेकिन सनी ने कहानी सुनते ही एक सेकंड की भी हिचकिचाहट के बिना कहा, “नहीं, मैं करूंगा पिक्चर.” संतोषी ने बताया कि आज ऐसा लग रहा है कि शायद उनके प्रशंसक इस रूप में देखकर थोड़े निराश हुए होंगे, लेकिन उस समय सनी को ऐसा बिल्कुल नहीं लगा था. सनी एक कलाकार हैं और जब उन्हें अच्छे किरदार मिलते हैं, तो वह क्यों नहीं करेंगे? हालांकि, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके प्रशंसक उनसे इतना प्यार करते हैं कि वे उन्हें किसी और रूप या रोल में देखना पसंद नहीं करते. 

आमिर खान और सनी देओल भी निराश

राजकुमार संतोषी ने यह भी बताया कि फिल्म के इस ठंडे रिस्पॉन्स और प्रतिक्रिया से आमिर खान और सनी देओल दोनों काफी निराश हैं. उनके शब्दों में, “वे निराश हैं, वे भी निराश हैं क्योंकि हमें फिल्म पर बहुत-बहुत गर्व है. हमें ज़रा भी यह नहीं लगता कि यार हम कहीं गलत हुए हैं. हमने इस विषय पर ईमानदारी से सबसे अच्छा काम किया है जो हम कर सकते थे.” उन्होंने माना कि इस विषय पर पूरी टीम ने अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी के साथ सबसे अच्छा काम करने की कोशिश की है.
  
हालांकि संतोषी का कहना है कि दर्शकों की प्रतिक्रिया ने उन्हें अंदर से तोड़ा जरूर, लेकिन आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्म गुरुओं द्वारा फिल्म पर दी गई सकारात्मक प्रतिक्रिया और लोगों की बातें सुनने के बाद उनकी हिम्मत और बढ़ गई है. “हिम्मत बढ़ गई है और आगे काम करूंगा और अच्छा काम करते रहूंगा मैं,” 

उन्होंने कहा, ‘बटवारा 1947′ की कमाई उम्मीद से कम रहने के बावजूद राजकुमार संतोषी फिल्म को लेकर अपने फैसले पर पूरी तरह कायम हैं. उनका मानना है कि फिल्म बनाते समय पूरी टीम ने ईमानदारी से विषय के साथ न्याय करने की कोशिश की और दर्शकों का फैसला अलग हो सकता है, लेकिन इससे फिल्म बनाने की उनकी नीयत और मेहनत पर कोई असर नहीं पड़ता.

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