
मध्य प्रदेश की महाकाल नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो में लोहे के बने एक पुल पर 300 से ज्यादा सुरक्षा गार्ड्स एक साथ कूदते दिखे. वीडियो खुद महाकाल मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए और कई सवाल उठने लगे. इसी क्रम में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी वीडियो शेयर कर तंज कसा है. अब प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सुरक्षा गार्ड्स के पुल पर एक साथ कूदने की क्या वजह रही.
बताया जा रहा है कि मंदिर के ये सुरक्षाकर्मी कूद-कूदकर ब्रिज की क्षमता और मजबूती का परीक्षण कर रहे थे. दरअसल, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित नाग चंद्रेश्वर महादेव के कपाट साल में एक बार नाग पंचमी पर खुलते हैं. इसी कड़ी में सोमवार (17 अगस्त) को नाग चंद्रेश्वर के कपाट 24 घंटे के लिए खोले गए थे.
यह भी पढ़ें: ट्विशा की मौत से उठा पर्दा! हत्या या आत्महत्या… CBI चार्जशीट में खुलासा
हर साल पुल की ऐसे ही जांच की जाती है
मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को अस्थायी लोहे के पुल का इस्तेमाल करना होता है. ऐसे में मंदिर के सुरक्षाकर्मी हर साल पुल पर कूदते हैं और इसकी क्षमता का आकलन करते हैं ताकि भक्तों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके. इस वीडियो को महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से जारी किया गया जिसके बाद इसे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी शेयर किया था और हैरानी जताते हुए कहा था कि यह तो गजब है!
जानकारी के लिए बता दें कि नाग चंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर परिसर के दूसरे तल पर स्थित है. इसके कपाट नाग पंचमी पर खोले जाते हैं. इसके लिए दूसरे तल के लेवल पर पुल बनाया गया है, जिसपर चलकर श्रद्धालु सीधा नाग चंद्रेश्वर मंदिर पर पहुंचते हैं. ब्रिज की सुरक्षा और मजबूती की हर साल इसी तरह जांच की जाती है. इसी क्रम में महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को ब्रिज पर चढ़ाकर कुदाया गया.
वायरल वीडियो पर उठ रहे सवाल
इस वीडियो को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं. यह ब्रिज साल में केवल एक बार खुलता है. नाग पंचमी पर्व के समापन के बाद पुल को बंद कर दिया गया. इसके बाद महाकाल मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है.
यह भी पढ़ें: नितिन नवीन की नई टीम में एमपी से कविता पाटीदार, जानें सियासी सफर
