

कर्नाटक में तीन तमिल लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
दरअसल, कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक में वन विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई. वन विभाग के मुताबिक, मारे गए तीनों लोग कथित तौर पर शिकारी थे. हालांकि, जब यह पता चला कि तीनों तमिलनाडु के रहने वाले थे, तो तमिलनाडु की राजनीति में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई.
मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांव में रहने वाले तमिल मूल के एंटनी स्वामी, जॉन रोज पीटर और कुमार को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों ने मार दिया. उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वन विभाग की ओर से दी जा रही सफाई उन्हें स्वीकार नहीं है. मुख्यमंत्री ने मामले में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है.
कर्नाटक वन विभाग का कहना है कि पहले कथित शिकारियों की ओर से फायरिंग की गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को भी गोली चलानी पड़ी, जिसमें तीन तमिल मूल के लोग मारे गए. इस दौरान वन विभाग का एक कर्मचारी भी घायल हुआ है. वहीं, इस समूह का एक चौथा व्यक्ति मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है.
मामले में मारे गए तीनों तमिल लोगों के परिवारों का कहना है कि वे अपने मवेशियों की तलाश में जंगल की ओर गए थे. परिवारों ने वन विभाग की कार्रवाई को फर्जी मुठभेड़ बताते हुए सवाल उठाए हैं.
मामले का संज्ञान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी लिया है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. वहीं, बीजेपी ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और वन विभाग की ओर से दी गई कहानी पर सवाल उठाए हैं.





