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राजस्थान के सरकारी स्कूल में बिना इजाजत एंट्री बैन, CJP कैंपेन के बीच शिक्षा विभाग का फैसला | No Entry In Rajasthan Government School Without Permission Amidst CJP Abhijeet Dipke School Thik Karo Campaign


राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बिना इजाजत बाहरी व्यक्तियों के एंट्री पर रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही बिना अनुमति के स्कूल परिसर के अंदर वीडियो बनाने या फोटो खींचने पर भी प्रतिबंध रहेगा. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में रविवार (16 अगस्त) को चिट्ठी जारी की है. सरकार का यह आदेश ऐसे समय में आया है, जब 2 दिन पहले स्कूल ठीक करो अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका अलवर के एक सरकारी स्कूल में पहुंचे थे. आशुतोष ने उस समय स्कूल की जर्जर हालत और पीने के पानी को लेकर सवाल किया था. 

विजिटर रजिस्टर में करनी होगी एंट्री

अब शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करके कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के परिसर में प्रिंसिपल की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. यह नियम सिर्फ उन अधिकारियों पर लागू नहीं होगा. जो सरकार की तरफ से आधिकारिक जिम्मेदारी के अधिकृत किए गए हों. माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, हर आगंतुक स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में एंट्री करेगा. 

शिक्षा विभाग की चिट्टी के अनुसार, राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों के लिए ‘In Loco Parentis’ सिद्धांत लागू कर दिया गया है.

बिना अनुमति फोटो खींचने, VIDEO बनाने पर रोक

इसके अलावा स्कूल के किसी अधिकृत कर्मचारी या शिक्षक के साथ हुए बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति क्लासरूम, हॉस्टल, लाइब्रेरी, शौचालय या अन्य विद्यार्थियों के गतिविधि से जुड़े क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेगा. साथ ही प्रिंसिपल की पूर्व लिखित अनुमति के बगैर स्कूल में किसी भी तरह फोटो खींचने, वीडियो बनाने, इंटरव्यू करने, ऑडियो रिकॉर्डिंग या फिर लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की सकेगी. 

शिक्षा विभाग ने चिट्टी में साफ कहा कि स्कूल से जुड़ी अथॉरिटी यह सुनिश्चित करेगी कि विद्यार्थियों के फोटो, वीडियो या उनकी व्यक्तिगत जानकारी का प्रकाशन या प्रसार न हो, जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो.

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माध्यमिक शिक्षा निदेशक की पत्र के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करता है और बाहर जाने से इनकार करता है. या फिर अनाधिकृत रूप से फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी की कोशिश करता है तो प्रिंसिपल तुरंत स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को इसके बारे में सूचित करेंगे. 

इसके साथ ही चिट्टी में यह भी कहा गया कि प्रिंसिपल किसी भी ऐसे बाहरी व्यक्ति के स्कूल में आने से रोक सकता है. जिसको लेकर लगता है कि उसकी स्कूल में प्रवेश से सुरक्षा, निजता, अनुशासन या शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा. 

शिक्षा विभाग की चिट्टी पर क्या बोले आशुतोष रांका?

उधर शिक्षा विभाग के इस पत्र को लेकर सीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक्स पर कहा कि राजस्थान सरकार स्कूल ठीक करने के बजाय स्कूल ऑडिट की एक्टिविटी ही बंद करने में लग गई है. राजस्थान सरकार कुछ भी कर ले, स्कूल तो हम ठीक कराकर ही रहेंगे. CJP प्रवक्ता ने आगे कहा कि राजस्थान पुलिस आप बेझिझक मेरे और मेरी टीम के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करवा सकते हैं. राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करने और उन्हें ठीक करवाने से हमें कोई नहीं रोक सकता.

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