खबर

लता मंगेशकर का आखिरी गाना था बेहद खास, देशभक्ति से भरे इस गीत का पीएम मोदी से भी है कनेक्शन | lata mangeshkar last song saungandh mujhe is mitti ki tribute To Our Jawans and india on 15th august Desh Bhakti Song



किसी आवाज को सुनकर अगर देशभक्ति, अपनापन और भावनाएं एक साथ महसूस हों, तो वो आवाज लता मंगेशकर की थी. दशकों तक अपनी सुरीली आवाज से लोगों के दिलों पर राज करने वाली लता दीदी ने हजारों गानों को अपनी आवाज दी. उनकी आवाज में ऐसा जादू था कि गीत पुराना होने के बाद भी उसकी चमक कम नहीं हुई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया को अलविदा कहने से पहले उन्होंने कौन सा आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था. खास बात ये है कि इस गीत का कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जुड़ा था.

ये था लता मंगेशकर का आखिरी गाना

लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था. इससे करीब तीन साल पहले ही उन्होंने खराब सेहत के चलते गायिकी से दूरी बना ली थी. 30 मार्च 2019 को उन्होंने अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था. ये देशभक्ति गीत था, जिसके बोल थे, “सौगंध मुझे इस मिट्टी की”. इस गाने को लता दीदी ने अपनी आवाज में रिकॉर्ड किया था और बाद में इसे यूट्यूब पर रिलीज किया गया. इस गीत के साथ एक खास बात और जुड़ी है. गाने की शुरुआत लता मंगेशकर की आवाज से होती है, जबकि बाद में इसे गायक सुखविंदर सिंह ने भी अपनी आवाज दी. रिलीज के कई साल बाद भी ये गीत लोगों के बीच सुना जाता है और लता दीदी की आखिरी रिकॉर्डिंग के तौर पर खास पहचान रखता है.

ये भी पढ़ें- श्रीदेवी का वो गाना, सरोज खान ने एक दिन में किया शूट, गाना खत्म होते-होते उजड़ गया सेट, एक दीवार पर शूट होकर बना कल्ट

पीएम मोदी से जुड़ा था खास कनेक्शन

‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की’ सिर्फ एक देशभक्ति गीत नहीं था, बल्कि इसका कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी रहा. इस गीत को पीएम मोदी की बायोपिक फिल्म ‘नरेंद्र मोदी’ में भी दिखाया गया था. लता मंगेशकर की आवाज में शुरू होने वाले इस गीत ने फिल्म के साथ भी एक खास जगह बनाई. लता मंगेशकर और नरेंद्र मोदी के बीच भी एक खास रिश्ता बताया जाता है. यही वजह है कि उनकी आखिरी रिकॉर्डिंग का पीएम मोदी से जुड़ना इस गीत को और खास बना देता है.

सात दशकों से ज्यादा लंबा रहा सफर

लता मंगेशकर ने 1943 में महज 13 साल की उम्र में गायिकी की दुनिया में कदम रखा था. फिल्म “गजाभाऊ” के गीत “माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तू” से उनके करियर की शुरुआत हुई थी. करीब 77 साल के लंबे सफर में उन्होंने 30 हजार से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी. कोरोना और निमोनिया के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी. 92 साल की उम्र में 6 फरवरी 2022 को उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

ये भी पढ़ें- वीर रस का ये गाना पीएम मोदी के पसंदीदा गीतों में है शुमार, 65 साल पहले निरूपा रॉय ने भरा ऐसा जोश, आज भी नहीं पड़ा फीका





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button