
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने सोमवार (10 अगस्त) को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व बीजेपी सरकार पर श्रमिकों के फर्जी पंजीकरण कराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने चुनाव जीतने के उद्देश्य से अपने अंतिम वर्ष में करीब 70 हजार श्रमिकों का पंजीकरण किया था, जिनकी वर्तमान सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया करवाई जा रही है.
नरदेव कंवर ने बताया कि उस समय इन पंजीकृत श्रमिकों को करीब 176 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे. उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान यदि कोई अपात्र या फर्जी लाभार्थी पाया जाता है तो उसे योजना से बाहर किया जाएगा और उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया जाएगा.
पूर्व सरकार के कार्यकाल की ई-केवाईसी में पाए गए 98 हजार श्रमिक
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में बोर्ड में कुल 4 लाख 77 हजार श्रमिक पंजीकृत थे. जब बोर्ड ने सभी की ई-केवाईसी करवाई तो केवल 98 हजार श्रमिक ही पात्र पाए गए. कंवर ने बताया कि हमीरपुर में 38 फर्जी मामलों का खुलासा हुआ, जहां 9 लोगों को 7.80 लाख रुपये का लाभ दिया गया था. बोर्ड ने संबंधित लोगों से यह राशि वापस भी वसूल ली है.
इस दौरान नरदेव कंवर ने बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बोर्ड 14 योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
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सीएम सुक्खू श्रमिकों के लिए 20 करोड़ 61 लाख की सहायता राशि करेंगे जारी
उन्होंने बताया कि आगामी 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बड़सर से श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए 20 करोड़ 61 लाख 20 हजार 102 रुपये की सहायता राशि जारी करेंगे. इस राशि का लाभ 4,967 पात्र लाभार्थियों को मिलेगा और धनराशि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी. बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि श्रमिकों के बच्चों की शादी सहायता योजना के तहत 1,000 परिवारों को 8 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे.
वहीं शिक्षा सहायता योजना के तहत 2,788 बच्चों को 7 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी. मातृत्व सहायता के 109 मामलों में 38.02 लाख रुपये वितरित किए जाएंगे, जबकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. नरदेव कंवर ने कहा कि वर्तमान सरकार अब तक श्रमिकों के कल्याण पर 95 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जिसमें से 43 करोड़ रुपये श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा पर व्यय किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि अगले वर्ष तक बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को कुल 300 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी.
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