धर्म

Hariyali Teej 2026: विदेश में कैसे मनाएं तीज? NRI महिलाएं ग्रहण और पूजा के नियमों में न हों भ्रमित


Hariyali Teej 2026: विदेश में रहने वाली भारतीय महिलाओं के लिए हरियाली तीज अपनी मिट्टी और परंपराओं से जुड़ने का अवसर है. मेहंदी की खुशबू, हरी चूड़ियों की खनक और शिव-पार्वती की पूजा सात समंदर पार भी भारत की याद दिलाती है.

इस बार 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण के कारण NRI महिलाओं में तीज, सूतक और पूजा को लेकर भ्रम है. सबसे जरूरी बात यह है कि सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को है, जबकि हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. इसलिए ग्रहण और तीज की पूजा के नियमों को एक साथ न मिलाएं.

12 अगस्त को कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

NASA के अनुसार, पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के छोटे हिस्से में दिखाई देगा. यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई क्षेत्रों में इसका आंशिक रूप नजर आएगा.

ग्रहण की स्थिति हर शहर में अलग होगी. लंदन में ग्रहण आंशिक होगा. यहां यह स्थानीय समय के अनुसार शाम 6 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा. इसका अधिकतम चरण शाम 7 बजकर 13 मिनट और समापन रात 8 बजकर 6 मिनट पर होगा. वहीं रेक्याविक और स्पेन के कई हिस्से पूर्णता के रास्ते में हैं.

मैड्रिड में ग्रहण की स्थिति स्थान के अनुसार बदल सकती है. इसलिए केवल देश का नाम देखकर पूर्ण ग्रहण मान लेना सही नहीं है. अपने शहर का समय और दृश्यता अलग से जांचना जरूरी है.

विदेश में सूतक कब मानें?

सूतक वैज्ञानिक नियम नहीं, धार्मिक परंपरा है. प्रचलित मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक शुरू होता है. इसका पालन सामान्यतः उस स्थान पर किया जाता है, जहां ग्रहण खगोलीय रूप से दिखाई देता है.

NRI परिवारों को अपने शहर का स्थानीय ग्रहण समय देखना चाहिए. पूरे अमेरिका, ब्रिटेन या यूरोप में सूतक का एक समय मानना सही नहीं होगा. परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है.

ग्रहण के दौरान पूजा और भोजन के नियम

सूतक मानने वाले परिवार ग्रहण से पहले घर के मंदिर को पर्दे से ढक सकते हैं. इस दौरान प्रतिमाओं को स्पर्श करने के बजाय मानसिक जप करने की परंपरा है. ॐ नमः शिवाय या ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः मंत्र का जाप किया जा सकता है.

ग्रहण के दौरान भोजन न करना और खाने में तुलसी या कुश रखना धार्मिक मान्यताएं हैं. इन्हें भोजन सुरक्षित रखने का वैज्ञानिक तरीका नहीं माना जाना चाहिए.

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और नियमित दवा लेने वालों को भोजन, पानी या आवश्यक दवा से वंचित न करें. स्वास्थ्य संबंधी जरूरत में डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें. गर्भवती महिलाओं के चाकू या कैंची इस्तेमाल करने से गर्भ को नुकसान होने का भी कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है.

ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें?

परंपरा मानने वाले परिवार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, वस्त्र परिवर्तन और पूजा स्थल की सफाई कर सकते हैं. इसके बाद सामान्य पूजा शुरू की जा सकती है.

लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि यह हरियाली तीज की पूजा नहीं होगी. तीज तीन दिन बाद 15 अगस्त को है. ग्रहण समाप्त होते ही माता पार्वती को सुहाग सामग्री चढ़ाने या तीज व्रत करने की आवश्यकता नहीं है.

विदेश में 15 अगस्त को ऐसे मनाएं तीज

हरियाली तीज के दिन अपने शहर के अनुसार तृतीया तिथि और पूजा का समय जांचें. भारतीय समय को सीधे लंदन, न्यूयॉर्क या सिडनी पर लागू न करें.

शिव-पार्वती की प्रतिमा उपलब्ध न हो तो स्वच्छ स्थान पर उनका चित्र रखकर पूजा कर सकती हैं. उपलब्ध फूल, फल, रोली, अक्षत, दीपक और सात्विक भोग पर्याप्त हैं. घेवर न मिले तो परिवार की परंपरा के अनुसार खीर, हलवा या घर में बनी मिठाई का भोग लगाया जा सकता है.

मेहंदी लगाएं, हरी चूड़ियां पहनें और भारत में मौजूद परिवार से वीडियो कॉल पर जुड़कर तीज की कथा सुनें. स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ छोटा सखी मिलन भी आयोजित किया जा सकता है.

सबसे जरूरी बात यही है कि 12 अगस्त के ग्रहण और 15 अगस्त की हरियाली तीज को अलग रखें. स्थानीय समय, शहर की दृश्यता और पारिवारिक परंपरा देखकर ही पूजा का निर्णय लें.

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