
कभी-कभी हम एक ही बात को इतना सोच लेते हैं कि छोटी सी परेशानी भी बहुत बड़ी लगने लगती है. “अगर ऐसा हो गया तो?”, “अगर वैसा हो गया तो?” जैसे सवाल मन को थका देते हैं. ऐसे समय खुद को रोकिए और याद रखिए हर बात का जवाब आज मिलना जरूरी नहीं है. थोड़ा रुकिए, सांस लीजिए और खुद पर भरोसा रखिए.

हमारे दिमाग में दिनभर न जाने कितने विचार आते हैं. लेकिन हर विचार सच हो, यह जरूरी नहीं. कई बार हम बिना वजह किसी बात को लेकर डरने लगते हैं और फिर उसी डर को सच मान बैठते हैं. जब ऐसा हो, खुद से एक सवाल पूछिए “क्या सच में ऐसा हुआ है?” शायद आपको एहसास होगा कि आप जरूरत से ज्यादा सोच रहे हैं.

हम अक्सर उन चीजों को लेकर परेशान होते रहते हैं, जिन्हें हम बदल ही नहीं सकते. किसी ने क्या कहा, कल क्या होगा या आगे क्या होने वाला है इन सब पर हमारा पूरा नियंत्रण नहीं होता. लेकिन आज हम क्या कर सकते हैं, यह हमारे हाथ में जरूर है. इसलिए अपनी ऊर्जा चिंता में नहीं, उस काम में लगाइए जिसे आप सच में बदल सकते हैं.

कई बार सबसे ज्यादा परेशानी हालात नहीं, बल्कि खुद पर किया गया शक देता है. “मुझसे नहीं होगा”, “मैं गलत कर दूंगा”, “लोग क्या सोचेंगे” ये बातें हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं. स्वामी विवेकानंद की सीख से प्रेरणा लेकर खुद पर विश्वास करना सीखिए. हर बार परफेक्ट होना जरूरी नहीं, लेकिन कोशिश करना और खुद पर भरोसा रखना जरूरी है.

कल क्या होगा, यह सोचते-सोचते कहीं ऐसा न हो कि आज का अच्छा समय ही निकल जाए. भविष्य की चिंता करना आसान है, लेकिन उसे बदलने के लिए आज ही कुछ करना पड़ता है. इसलिए बार-बार सोचने के बजाय एक छोटा सा कदम उठाइए. हो सकता है, जिस चीज को लेकर आज डर लग रहा है, वही कल आपकी सबसे बड़ी सीख बन जाए.

जब दिमाग में बहुत सारे सवाल चल रहे हों और कुछ समझ न आए, तब खुद को बस इतना कहिए “जो होगा, देखा जाएगा. मैं संभाल लूंगा.” हर समस्या का हल तुरंत मिलना जरूरी नहीं है. कभी-कभी समय भी जवाब देता है. स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से अपने भीतर का विश्वास जगाइए और याद रखिए आप अपनी सोच से कहीं ज्यादा मजबूत हैं.
Published at : 10 Aug 2026 02:33 PM (IST)