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‘पिता जी ने भी अब पैसा देना कम कर दिया है’… JPSC प्रोटेस्ट में शामिल अभ्यर्थी का छलका दर्द | Ranchi JPSC Protest Ground report Deoghar student 10 year struggle family Financial crisis



झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा को लेकर रांची में लगातार प्रदर्शन हो रहा है. अब यहां वो तमाम अभ्यर्थी जुट रहे हैं, जो सिस्टम से हार चुके हैं और पिछले कई साल सिर्फ परीक्षा देने और उसकी तैयारी में लगा चुके हैं. हर तरफ मायूसी और बेबसी साफ दिख रही है, जिससे भी बात करें, उसकी अपनी अलग कहानी है. एनडीटीवी ग्राउंड पर उतरकर लगातार ऐसे ही अभ्यर्थियों की कहानी आप तक पहुंचा रहा है. देवघर से आए एक अभ्यर्थी से जब हमने बात की तो उसका पिछले 10 सालों का दर्द छलक पड़ा, उसने बताया कि कैसे अब उम्मीदें टूटने लगी हैं. 

10 दिन से तिरपाल पर सो रहा अभ्यर्थी

पिछले 10 दिनों से रांची में प्रदर्शन करने आए अभ्यर्थी रंजीत पासवान ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि कैसे वो पिछले 10 सालों से संघर्ष कर रहे हैं. रंजीत ने कहा, मैं देवघर से आया हूं, JSSC CGL परीक्षा दी है. 29 तारीख से यहीं नीचे तिरपाल पर सो रहा हूं और यहीं खा-पी रहा हूं. लोग अलग-अलग जगह से खाना भेज रहे हैं, उसी से गुजारा चल रहा है. 

पैसे की तंगी से जूझ रहा परिवार

रंजीत ने बताया कि, मैं 2016 से 2026 तक यानी 10 सालों से तैयारी कर रहा हूं, हर बार धांधली या पेपर लीक हो जाता है या सीटें बेच दी जाती हैं. हम सिर्फ मोहरा बनते हैं. जब रंजीत से पूछा गया कि पिछले 10 सालों से परिवार कैसे खर्चा उठा रहा है तो उनका दर्द सामने आया और कहा, पहले पिताजी देते थे, अब उन्होंने खर्चा देना थोड़ा कम कर दिया है. मैं खुद होम ट्यूशन और कोचिंग पढ़ाकर अपना खर्च चलाता हूं. 

अभ्यर्थी ने कहा कि परिवार को अब उम्मीद थोड़ी कम है, लेकिन मुझे अब भी लगता है कि कुछ हो सकता है. उम्र 30 साल हो गई है, अगर ईमानदारी से निष्पक्ष परीक्षा हो जाए, तो मुझे 100% उम्मीद है कि एक बार में निकाल लूंगा. रंजीत ने बताया कि पहले झारखंड में फेयर एग्जाम होते थे, लेकिन अब करप्शन बढ़ चुका है. 

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