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नौकरी के नाम पर धोखा, मासूमों को गलत काम के लिए किया जाता है मजबूर, प्राइम वीडियो पर आ रही 8 एपिसोड की सीरीज | Fraud in the name of jobs people were forced into illegal activities 8 episode web series is coming on Prime Video



नई दिल्ली:

सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स और चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रतीक खन्नूजा, समीर चंद, विकेश भूटानी और शुजात सौदागर द्वारा निर्मित जॉब ट्रैफिकिंग को प्रशांत नायर ने बनाया है और इसका निर्देशन भी किया है. भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की पृष्ठभूमि पर आधारित यह रोमांचक सर्वाइवल ड्रामा निमरत कौर, रोशन मैथ्यू, काव्या त्रेहान और पवन मल्होत्रा जैसे दमदार कलाकारों से सजा है. प्राइम वीडियो, जो भारत का सबसे पसंदीदा एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म है, उसने अपनी नई हिंदी ओरिजिनल सीरीज जॉब ट्रैफिकिंग की दुनिया की पहली झलक दिखाई है. यह दमदार सर्वाइवल ड्रामा मशहूर निर्देशक प्रशांत नायर ने बनाया और निर्देशित किया है. सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स और चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रतीक खन्नूजा, समीर चंद, विकेश भूटानी और शुजात सौदागर ने इसे प्रोड्यूस किया है. आठ एपिसोड की इस सीरीज में निमरत कौर, रोशन मैथ्यू, काव्या त्रेहान और पवन मल्होत्रा अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.

जॉब ट्रैफिकिंग एक बेबाक काल्पनिक सीरीज है, जो दर्शकों को ऑनलाइन स्कैम की अंधेरी दुनिया में ले जाएगी. इस स्कैम को आमतौर पर “पिग बुचेरिंग” कहा जाता है, जिसमें ठग कई हफ्तों या महीनों तक ऑनलाइन अपने शिकार का भरोसा जीतते हैं, उनसे झूठा रिश्ता बनाते हैं और फिर उनकी पूरी जमा-पूंजी ठग लेते हैं. लेकिन दुनिया अक्सर इसका दूसरा पहलू नहीं देख पाती. कीबोर्ड के पीछे बैठे वे युवा, जिन्हें नकली नौकरी का लालच देकर सीमाओं के पार ले जाया जाता है और फिर मजबूर किया जाता है कि वे खुद ऐसे स्कैम का हिस्सा बनें, जो मासूम लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं.

यह सर्वाइवल ड्रामा दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ रहे अपराधों में से एक के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क को सामने लाता है. सीरीज तीन अनजान लोगों की कहानी दिखाती है. एक ऐसा स्कैमर जो इस जाल से निकलने की कोशिश कर रहा है, एक ठगी का शिकार हुई गृहिणी जो जवाब तलाश रही है और एक सीईओ जो इस पूरे खेल के बीच फंस जाता है. इन तीनों की राहें टूटे भरोसे, धोखे और शोषण के खतरनाक जाल में आकर मिलती हैं. जो सफर एक बेहतर मौके के सपने से शुरू होता है, वही धीरे-धीरे कैद और मजबूरी के ऐसे डरावने दौर में बदल जाता है, जहां निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता. रोमांच, गहरी भावनाओं और हाई-स्टेक ड्रामा से भरपूर जॉब ट्रैफिकिंग दर्शकों को सर्वाइवल, हिम्मत और हर हाल में अपनी इंसानियत वापस पाने की जंग से रूबरू कराएगी.

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