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600 फिल्मों में काम करने वाला कपूर खानदान का वो चिराग, हीरो बनकर हुए फ्लॉप तो बने हिंदी सिनेम के खूंखार विलेन | Kapoor family actor who worked in 600 films after failing as lead actor became a dreaded villain of Hindi cinema


नई दिल्ली:

बॉलीवुड इंडस्ट्री में सदियों और पीढ़ियों से अपना दबदबा बनाए रखे वाले परिवार की जब भी बात होती है, कपूर खानदान का नाम सबसे ऊपर आता है. इस परिवार ने हिंदी सिनेमा को पृथ्वीराज कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक कई ऐसे सितारे फिल्मी दुनिया को दिए हैं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को एक नए आयाम तक ले जाने के साथ करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करते आ रहे हैं. वहीं कपूर परिवार के कलाकारों की जब भी बात होती है, गुड लुक वाले हीरो की छवि सामने आती है, लेकिन इस खानदान में एक ऐसे स्टार ने भी जन्म लिया, जिन्होंने फिल्मों में बतौर हीरो नहीं, बल्कि खलनायक के तौर पर पहचान और शोहरत हासिल की. उनका नाम कमल कपूर है, जो एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और प्रोड्यूसर थे. 

हीरो बनकर की थी बॉलीवुड में एंट्री

कमल कपूर मशहूर अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के चचेरे भाई थे. उनका जन्म 22 फरवरी 1920 पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई लाहौर के डीएवी कॉलेज से पूरी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद कमल कपूर ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1946 में आई फिल्म ‘दूर चले’ में बतौर हीरो की. हालांकि एक्टिंग के शुरुआती दौर में अभिनेता को फिल्मों में हीरो के तौर पर कुछ खास सफलता और सराहना नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने फिल्मों में निगेटिव किरदार की ओर रुख किया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया. 

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600 फिल्मों में किया काम

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कमल कपूर ने अपने पांच दशक लंबे करियर में करीब 600 फिल्मों में अभिनय का जलवा बिखेरा. उन्होंने हिंदी के साथ-साथ पंजाबी और गुजारती फिल्मों में भी काम किया. अभिनेता मुख्य रूप से अपनी जबरदस्त निगेटिव किरदार के लिए जाने जाते थे. स्क्रीन पर लोगों को उनका खलनायक वाला किरदार काफी पसंद आता था. अभिनेता को जिन फिल्मों में काफी पसंद किया गया, उनमें ‘डॉन’, ‘नारंग’, ‘मर्द’, ‘आग’, ‘दीवाना’, ‘कालीचरण’, ‘खेल खेल में’ और ‘नमक हलाल’ जैसी कई मशहूर मूवी शामिल हैं. इसके अलावा वह ‘पाकीजा’, ‘दीवार’, ‘सीती और गीता’, ‘जब तक फूल खिले’ आदि जैसे प्रसिद्ध फिल्मों के भी हिस्सा थे. 

परिवार भी है बॉलीवुड का जाना माना नाम

कमल कपूर ने 1945 में सुमन देवी कपूर से शादी की और उनके पांच बच्चे थे, उनमें तीन बेटे और दो बेटियां शामिल हैं. उनकी छोटी बेटी की शादी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रमेश बहल से हुई और वह निर्देशक-निर्माता गोल्डी बहल की मां हैं. कमल कपूर का निधन 2 अगस्त 2010 को 90 वर्ष की आयु में मुंबई में हो गया था, लेकिन अपनी शानदार अभिनय के जरिए आज भी वह लोगों के दिलों में जिंदा हैं और जब भी खलनायक के किरदार की जिक्र होगी, उन्हें याद किया जाएगा.

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