
हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग ने राज्य कर्मचारियों के तबादलों को विनियमित करने वाली कॉम्प्रिहेंसिव गाइडिंग प्रिंसिपल्स-2013 (CGP-2013) में महत्वपूर्ण संशोधन किया है. इस संबंध में 25 जुलाई 2026 को कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया गया है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कठिन, जनजातीय, हार्ड तथा अति कठिन क्षेत्रों में तैनाती से संबंधित प्रावधानों के क्रियान्वयन में अस्पष्टता सामने आ रही थी. इसे दूर करने और नीति को एकरूपता से लागू करने के लिए पैरा 16.1 में संशोधन किया गया है.
मुख्य प्रावधान
- कठिन, जनजातीय, हार्ड और अति कठिन क्षेत्रों में सामान्य कार्यकाल तीन साल तक का होगा.
- इस अवधि में कर्मचारी को दो सर्दियां और तीन गर्मियां वास्तविक रूप से पूरी करनी होंगी.
यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी लंबे अवकाश पर रहता है, तो उसकी अनुपस्थिति की अवधि को कार्यकाल में नहीं गिना जाएगा और उसे उतनी अतिरिक्त अवधि वहां सेवा देनी होगी. यथासंभव 55 वर्ष से अधिक आयु के अधिकारियों और कर्मचारियों को कठिन, जनजातीय, हार्ड या दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात नहीं किया जाएगा. हालांकि यह प्रावधान पदोन्नति के मामलों में लागू नहीं होगा.
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी केवल अतिरिक्त प्रभार के आधार पर किसी कठिन, जनजातीय, हार्ड या अति कठिन क्षेत्र के पद का कार्यभार संभालता है और वहां नियमित रूप से नियुक्त नहीं है, तो उस अवधि को उस क्षेत्र में दी गई सेवा नहीं माना जाएगा.
ऐसी अवधि को न तो निर्धारित कार्यकाल में जोड़ा जाएगा और न ही किसी लाभ, रियायत, वरीयता या प्रोत्साहन के लिए पात्रता तय करने में गिना जाएगा. कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव (कार्मिक) नीरज कुमार द्वारा जारी आदेश में सभी विभागों को इन संशोधित प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
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